Dhanbad: जिले के धैया रानी बांध क्षेत्र में नगर निगम द्वारा बसाए गए फुटपाथ दुकानदारों और सर्किल ऑफिसर रामप्रवेश प्रसाद के बीच हुए विवाद ने शहर के प्रशासनिक माहौल को झकझोर दिया है। दुकानदारों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अधिकारी ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक मौके पर पहुंचकर गाली-गलौज शुरू कर दी और जबरन दुकानें खाली कराने का निर्देश देते हुए शारीरिक दुर्व्यवहार तक किया।
फुटपाथ दुकानदारों से मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोपः
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि उन्हें नगर निगम की औपचारिक अनुमति के बाद ही सरकारी जमीन पर अस्थायी दुकानें लगाने की इजाजत मिली थी। नगर निगम द्वारा क्षेत्र की सफाई कराकर दुकानों को व्यवस्थित रूप से लगाने की सुविधा भी प्रदान की गई थी। दुकानदारों का कहना है कि जब उन्होंने इसका हवाला दिया, तो सीओ ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया और कथित रूप से हाथापाई करते हुए उन्हें हटने का दबाव बनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद कई महिलाएं और बुजुर्गों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारी का रवैया आक्रामक ही बना रहा। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि सीओ का व्यवहार एक जिम्मेदार सरकारी पदाधिकारी की मर्यादा के बिल्कुल विपरीत था और उन्हें यह पूरी कार्रवाई गुंडागर्दी जैसी लगी।
मामले की निष्पक्ष जांच और अधिकारी पर उचित कार्रवाई की मांगः
इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और प्रभावित दुकानदारों में भारी रोष फैल गया है। सभी ने एकजुट होकर उपायुक्त (DC) और एसएसपी से मिलने का निर्णय लिया है। दुकानदारों ने कहा कि वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अधिकारी पर उचित कार्रवाई की मांग करेंगे। कई व्यापारियों का कहना है कि यदि उनकी शिकायत पर प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया, तो वे आंदोलन का सहारा लेने को मजबूर होंगे।
फिलहाल, इस विवादित घटना को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है, लेकिन अब तक अधिकारी या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दुकानदारों की शिकायत और उनके आरोपों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब सभी की नजरें जिले के शीर्ष अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
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