जेल में बंद कांग्रेस सांसद ने दुष्कर्म मामले में पेश ऑडियो रिकार्डिंग में अपनी आवाज की बात कबूली

डिजिटल डेस्क : जेल में बंद कांग्रेस सांसद ने दुष्कर्म मामले में पेश ऑडियो रिकार्डिंग में अपनी आवाज की बात कबूली। यूपी के जेल में बंद सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर अब अपने खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में बुरे फंस गए हैं।

पीड़ित युवती ओर से पेश ऑडियो रिकार्डिंग में अपनी ही आवाज होने की बात कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से कबूल कर ली है।

दुष्कर्म केस मामले में सांसद ने कबूल किया कि वायरल आडियो में उनकी ही आवाज है। जेल में वॉयस सैंपलिंग का नोटिस भेजा गया था।

दुष्कर्म पीड़िता की बात को सांसद ने यूंं किया कबूल…

दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत पर कांग्रेसी सांसद का रोचक वाकया सामने आते ही पूरा प्रकरण अचानक से सुर्खियों में आया। इस मामले में पुलिस की ओर से जांच अधिकारी ने वॉयस सैंपलिंग के लिए जेल में नोटिस भेजा था। उसमें कांग्रेस सांसद ने 7 फरवरी तक का मौका लिया था।

अब शुक्रवार को उन्होंने अपनी आवाज होने की बात कबूल ली है। हुआ यूं कि  सीतापुर में दुष्कर्म मामले में जेल में बंद आरोपी कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने वॉयस सैंपल देने से शुक्रवार को मना कर दिया।

कांग्रेस सांसद की ओर से सीजेएम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया गया। इसमें कांग्रेस सांसद ने कहा कि ऑडियो रिकॉर्डिंग में आवाज उनकी ही है।

एक पेन ड्राइव में पीड़िता ने पुलिस को उपलब्ध कराई थी ऑडियो रिकॉर्डिंग…

पूरे वाकये की जानकारी देते हुए पुलिस टीम ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी कांग्रेस सांसद राकेश राठौर का वाइस सैंपल लेने के लिए कोतवाल व विवेचक अनूप शुक्ला ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी, जिसे मंजूर कर लिया गया था। कोर्ट के माध्यम से जेल में बंद सांसद के पास वाइस सैंपल की अर्जी रिसीव भी हो गई थी।

सांसद राकेश राठौर की पीड़िता से हुई बातचीत की वायरल रिकॉर्डिंग को भी विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में अब कांग्रेस सांसद की ओर से स्वीकरोक्ति का मामला सामने आया है। आगे की कार्रवाई के निर्देश पर की जाएगी।

बहरहाल, पूरे मामले की विधिक जांच जारी है एवं तदनुसार सभी कार्रवाइयां अमल में लाई जा रही है। बता दें कि 30 जनवरी को सांसद राकेश राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यहां महिला की ओर से दुष्कर्म का मुकदमा लिखाए जाने के 12 दिन बाद नगर कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को गिरफ्त में ले लिया।

गिरफ्तारी के समय वह लोहारबाग निवास पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। तब सांसद राकेश राठौर ने मुकदमे को राजीतिक षड़यंत्र बताया था।

तब सांसद राकेश राठौर ने कहा था कि –‘भूमाफियाओं के विरुद्ध अभियान छेड़ जाने के बाद उन पर मुकदमा लिखाया गया। मुझे अदालत और ईश्वर पर पूरा भरोसा है।

…मेरी संसद सदस्यता रद्द करने की मांग करने वाले पहले सभासदी जीते और सांसद लिखना सीखें। इसके बाद कोई मांग उठाएं।’

गिरफ्तारी के समय की यूपी के सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर की तस्वीर।
गिरफ्तारी के समय की यूपी के सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर की तस्वीर।

 सीतापुर के कांग्रेस सांसद राकेश राठौर के खिलाफ यह है दुष्कर्म का मामला…

सीतापुर शहर की रहने वाली एक महिला ने 17 जनवरी को कांग्रेस सांसद राकेश राठौर पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। इसके बाद एक ऑडियो वायरल हुआ था। दावा किया जा रहा था कि छह मिनट के इस ऑडियो में सांसद और पीड़िता के बीच बातचीत हो रही है। ऑडियो में पीड़िता ने कई बातों को सांसद के साथ साझा किया था।

ऑडियो को पुलिस ने अपने साक्ष्य में शामिल किया है। यह ऑडियो रिकॉर्डिंग पीड़िता ने एक पेन ड्राइव में पुलिस को उपलब्ध कराई है। पीड़िता का कहना है वर्ष 2018 में राकेश राठौर विधायक थे। इसी वर्ष उनकी मुलाकात राकेश राठौर से हुई थी। इसके बाद राकेश राठौर ने उन्हें संरक्षण देकर राजनीति में चमकाने का भरोसा दिलाया।

गिरफ्तारी के समय की यूपी के सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर की तस्वीर।
गिरफ्तारी के समय की यूपी के सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर की तस्वीर।

कुछ दिन बाद उन्होंने महिला को एक जातीय संगठन का महिला अध्यक्ष बनाकर निकटता बढ़ाई। इसी बीच वर्ष 2020 में राकेश राठौर ने महिला को घर बुलाकर जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर राकेश राठौर ने पत्नी से तलाक लेकर पीड़िता से शादी करने का भरोसा दिया।

इसके बाद राकेश राठौर ने पीड़िता से कई बार दुष्कर्म किया। सांसद बनने के बाद 24 अगस्त 2024 को राकेश राठौर ने पीड़िता को अपने घर बुलाया। आरोप है कि सांसद ने एक सादे कागज पर आपत्तिजनक शब्द लिखवाकर हस्ताक्षर करवाए। साथ ही यह भी कहा कि अगर विरोध किया तो तुम्हें बदनाम कर दूंगा।

आरोप है कि विरोध करने पर सांसद ने जान-माल के नुकसान की धमकी दी। लोकलाज के चलते पीड़िता चुप रही। बावजूद इसके सांसद की ओर से पीड़िता का शोषण किया गया। इसके चलते पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और साक्ष्य दिए। पुलिस ने मुकदमा लिख लिया।

अमूमन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में छेड़छाड़ की आशंका होती है। इसलिए पुलिस विधिक प्रकिया को अपनाते हुए ऑडियो की पुष्टि कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिकॉर्डिंग में कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। इसके साथ ही आरोपी सांसद का वाइस सैंपल भी लिया जाएगा। वायरल हुई रिकॉर्डिंग व वाइस सैंपल का मिलान कराया जाएगा।

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