Ranchi– कांग्रेस का चिंतन शिविर – हेमंत सरकार में सत्ता का भागीदार और चार-चार मंत्रालय संभाल रहे कांग्रेस ने अपने चिंतन शिविर में इशारों ही इशारों में सत्ता संचालन में अपनी उपेक्षा पर नाराजगी जाहीर किया है.
चिंतन शिविर के बाद प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा है कि हमारी कोशिश सरकार को मजबूती प्रदान करने की है, कई स्तरों पर इस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए जरुरी है कि सरकार के संचालन में सभी घटक दलों की सहभागिता को बढ़ाया जाय. सरकार के संचालन में सहयोगी दलों की सहभागिता को बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने कॉमन मीनियम प्रोग्राम की रुप रेखा तैयार की है. यह कॉमन मीनियम प्रोग्राम की निगरानी के लिए सभी घटक दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे. यह कमिटि सरकार के सभी नीतियों और प्रोग्राम का निगरानी करेगी, योजनाओं की समीक्षा करेगी.
अविनाश पांडे ने कहा कि हम जिन मुद्दों और घोषणाओं के साथ सत्ता में आये है, उसे पूरा करना हमारा दायित्व है. चाहे वह पिछड़ी जातियों के लिए 27 फीसद आरक्षण का मामला हो या आदिवासी-मूलवासी समुदाय को वन भूमि पर पट्टा दिलवाने का मामला. यह कांग्रेस ही है जो सदा दलित आदिवासियों के साथ खड़ी रही है. झारखंड गठन के 21 साल हो गये , इन 21 सालों में 18 वर्ष भाजपा की सरकार रही है. लेकिन इन 18 वर्षो में भाजपा ने सिर्फ संपदा की लूट किया, आदिवासी- मूलवासियों के सामाजिक उत्थान के लिए कभी कुछ नहीं किया.
जानिए झारखंड कांग्रेस के चिंतन शिविर में किन मुद्दों पर होगा चिंतन

















