गढ़वा: गढ़वा जिले के मदगी गांव में मूर्ति विसर्जन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए धारा 144 लागू कर दी है, जबकि लखना गांव में भी इसी तरह का विवाद पहले ही उत्पन्न हुआ था। हिंदू समुदाय की एक बैठक आज होने वाली है, जिसमें विसर्जन के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
मदगी गांव में प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन नहीं करने का फैसला लिया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। डीसी और डीसीएसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं।
पहले लखना गांव में मुस्लिम समुदाय ने रास्ता रोक दिया था, जिसके चलते पत्थरबाजी की घटनाएं भी हुई थीं। अब मदगी गांव में भी प्रशासन ने विसर्जन को रोक दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा का विसर्जन विवादित रास्ते से नहीं होगा।
डीजे की आवाज को लेकर भी हंगामा हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने डीजे गाड़ी को जब्त कर लिया। इस पूरे मामले में पूर्व विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी की पहल पर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
समुदायों के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके अनुसार, हिंदू और मुस्लिम बस्तियों के रास्तों का उपयोग नहीं किया जाएगा। शादी और अंतिम संस्कार जैसे कार्यों में किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होगी।
सभी संबंधित पक्षों के बीच वार्ता जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
प्रमुख बातें:
- मदगी गांव में मूर्ति विसर्जन पर विवाद
- प्रशासन ने लगाया धारा 144
- दोनों समुदायों के बीच वार्ता जारी
- सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील किया गया
Highlights


