रांची में साइबर ठग नगर निगम और स्मार्ट मीटर अपग्रेड के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक और बैंक खातों से रकम उड़ाने के मामले सामने आए हैं।
Cyber Fraud Alert रांची: राजधानी रांची में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। अब ठग नगर निगम और बिजली वितरण निगम के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी वाटर कनेक्शन जांच तो कभी स्मार्ट मीटर अपग्रेड के बहाने उपभोक्ताओं को डराकर पैसे वसूले जा रहे हैं। कई मामलों में मोबाइल हैक कर बैंक खातों से भी रकम उड़ा ली गई है।
अधिकारियों के अनुसार ठग मुख्य रूप से दो तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। पहला तरीका घर पहुंचकर नकली सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी करना है, जबकि दूसरा तरीका फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल फ्रॉड को अंजाम देना है।
Cyber Fraud Alert:नगर निगम कर्मचारी बनकर घर-घर पहुंच रहे ठग
साइबर ठग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर लोगों के घर पहुंच रहे हैं। वे पेयजल कनेक्शन, वाटर यूजर चार्ज बकाया या दस्तावेजी गड़बड़ी का हवाला देकर उपभोक्ताओं को डराते हैं। साथ ही कनेक्शन काटने, जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हैं।
डर और भ्रम की स्थिति में कई लोग ठगों को मौके पर ही नकद राशि दे देते हैं। जानकारी के अनुसार ठग दो हजार से लेकर दस हजार रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे हैं।
Key Highlights
नगर निगम और बिजली विभाग के नाम पर सक्रिय हुए साइबर ठग।
वाटर टैक्स बकाया बताकर लोगों से वसूले जा रहे हजारों रुपये।
स्मार्ट मीटर अपग्रेड के नाम पर भेजी जा रही एपीके फाइल।
मोबाइल हैक कर बैंक खातों से निकाली जा रही रकम।
नगर निगम और बिजली विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
Cyber Fraud Alert:स्मार्ट मीटर अपग्रेड के नाम पर मोबाइल हो रहा हैक
बिजली उपभोक्ताओं को फोन कर यह कहा जा रहा है कि उनका स्मार्ट मीटर अपग्रेड नहीं हुआ है और जल्द प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी जाती है।
जैसे ही उपभोक्ता उस फाइल को डाउनलोड करता है, मोबाइल फोन हैक हो जाता है। इसके बाद साइबर अपराधी बैंकिंग एप और अन्य संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बनाकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
Cyber Fraud Alert:विभाग ने जारी की चेतावनी
नगर निगम और बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विभाग का कोई भी कर्मचारी घर-घर जाकर नकद वसूली नहीं करता। न ही किसी उपभोक्ता को मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या फाइल पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति विभाग का कर्मचारी बनकर पैसे मांगता है, तो उसकी पहचान की पुष्टि संबंधित कार्यालय से अवश्य करें।
कैसे रहें सुरक्षित
किसी भी अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड न करें।
बिजली या नगर निगम से जुड़े संदेशों की आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
किसी भी व्यक्ति को नकद भुगतान करने से पहले उसकी पहचान जांचें।
मोबाइल में रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करने से बचें।
साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
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