कुर्सेला स्थित कोसी पुल हादसे को दे रहा दावत, शीघ्र मरम्मत की मांग हुई तेज
कटिहार : कटिहार के कुर्सेला स्थित कोसी नदी पर बना ऐतिहासिक पुल हादसे को दावत दे रहा है। पुल के बीचों-बीच एक्सपेंशन जॉइंट की ऊपरी सतह टूट चुकी है। उसमे गड्ढे बन गए हैं और छड़ें बाहर झांक रहा हैं। भारी वाहनों के गुजरते ही पुल पर जबरदस्त कंपन और तेज आवाज होती है। स्थानीय लोग कह रहे हैं की स्थिति कभी भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। जानकार बताते हैं कि यह पुल 1962 में बना था और अब अपनी उम्र पूरी कर चुका है। 31 जनवरी 2019 को भी एक पाया छह इंच धंस गया था। जिसके बाद भारी वाहनों का परिचालन रोकना पड़ा था। मरम्मत के बाद यातायात तो शुरू हो गया, लेकिन हालात फिर बिगड़ते जा रहे हैं।

सात राज्यों को जोड़ने वाले इस सेतु को लेकर बजी खतरे की घंटी
नेशनल हाईवे पर स्थित होने के कारण कटिहार, पूर्णिया, नवगछिया, भागलपुर और खगड़िया को सीधे उत्तर और पूर्वोत्तर भारत से जोड़ता है। पुल पर रोजाना हजारों वाहन दौड़ते हैं। सात राज्यों को जोड़ने वाला यह पुल अब खतरे की घंटी बजा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन के द्वारा मरम्मत के नाम पर खानापुर्ति और लापरवाही बरत रहा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा निश्चित है। वहीं विशेषज्ञों की राय है कि पुराने पुल पर दबाव कम करने के लिए इसके समानांतर एक नया सड़क पुल बनाना बेहद जरूरी हो गया है।
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रतन कुमार की रिपोर्ट
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