बिहार में विनियामक सुधार, निवेश बढ़ाने और Ease of Doing Business को मजबूत करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक हुई। पुराने कानून हटाने और सिंगल विंडो सिस्टम पर जोर।
Deregulation Meeting पटना: पटना स्थित मुख्य सचिवालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को बिहार में निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार सुगमता सुधारने और पुराने कानूनों को समाप्त करने को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक और बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की।
Deregulation Meeting:Deregulation 2.0 सुधारों को जल्द पूरा करने के निर्देश
बैठक में ‘वि-विनियमन (Deregulation) 1.0 एवं 2.0’ के तहत राज्य में किए जा रहे सुधारों की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष सचिव के.के. पाठक ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में अनावश्यक अनुपालन बोझ को कम करें और चिन्हित सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करें।
उन्होंने कहा कि अनावश्यक नियम, रिटर्न और रजिस्टर निवेश के मार्ग में बाधा बनते हैं। इसलिए विभाग ऐसे सभी प्रावधानों की सूची तैयार करें जिन्हें समाप्त किया जा सकता है। साथ ही ‘Deregulation 2.0’ के लंबित कार्यों को अगले 15 कार्य दिवसों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
Key Highlights:
बिहार में विनियामक सुधारों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित
निवेश और Ease of Doing Business बढ़ाने पर जोर
Deregulation 2.0 के लंबित कार्य 15 दिनों में पूरा करने का निर्देश
Single Window System और Self-Certification लागू करने की तैयारी
FAR नियम और NBCS 2026 मानकों पर हुई चर्चा
Deregulation Meeting:सिंगल विंडो सिस्टम और Self-Certification पर जोर
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों को स्वीकृतियों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘स्व-प्रमाणीकरण’ व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और उद्योगों एवं निवेशकों को त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि छोटे तकनीकी उल्लंघनों के मामलों में कारावास जैसे कठोर प्रावधानों को हटाकर उन्हें आर्थिक दंड में बदला जाए ताकि व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।
Deregulation Meeting:शहरी विकास और भवन नियमों पर भी चर्चा
बैठक में National Building Code for Sustainability 2026 के नए मानकों को राज्य के बिल्डिंग बायलॉज में शामिल करने पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही शहरी नियोजन को आधुनिक बनाने के लिए Floor Area Ratio (FAR) नियमों को तर्कसंगत बनाने और सरकारी संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए Total Facility Management (TFM) मॉडल लागू करने पर भी जोर दिया गया।
Deregulation Meeting:हर शुक्रवार प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश
विशेष सचिव ने कहा कि यदि कोई सुधार एक से अधिक विभागों से जुड़ा है तो कैबिनेट सचिवालय समन्वय की भूमिका निभाएगा ताकि फाइलें लंबित न रहें। सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को सौंपने का निर्देश दिया गया, जिसकी समीक्षा सीधे मुख्य सचिव कार्यालय करेगा।
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