’89 लाख आपत्तियों के बावजूद चुनाव आयोग कहता है कि राजनीतिक दलों की शून्य आपत्तियां दर्ज’

पटना : वोटर अधिकार यात्रा और बिहार में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी गंभीर विसंगतियों पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हमारी वोटर अधिकार यात्रा बिहार के 25 जिलों से होती हुई आज पटना पहुंची है। संयोग से यही दिन 31 अगस्त चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर में आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि भी है। इस पूरी प्रक्रिया में कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन के बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) ने लाखों नागरिकों की आपत्तियां दर्ज कराने में मदद की।

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BLAs के साथ चुनाव आयोग का रवैया देखकर निराशा हुई – पवन खेड़ा

बीएलए के साथ चुनाव आयोग का रवैया देखकर निराशा हुई कि कई जगहों पर चुनाव आयोग के अफसरों ने हमारे बीएलए द्वारा इकट्ठी आपत्तियां स्वीकार नहीं की। बीएलए को बाध्य किया गया कि वे हर नागरिक की आपत्ति अलग-अलग फॉर्म में जमा करें। यह आयोग की ओर से एक सोची-समझी चालाकी लगती है, ताकि विपक्ष सहयोग न कर पाए और कटे हुए नाम वापस जुड़ने में कठिनाई हो। कांग्रेस की व्यापक जांच में बिहार की सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के 90 हजार से अधिक बूथों की जांच की गई। इस प्रक्रिया में हमें करीब 89 लाख विसंगतियां मिलीं, जिन्हें हमने जिला अध्यक्षों के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारियों को सौंपा है। हमने देखा कि कई बूथों पर 100 से अधिक वोटरों के नाम एक साथ काट दिए गए हैं।

जिनके पीछे चुनाव आयोग ने 4 कारण बताए हैं

1. पलायन – 25 लाख
2. मृतक श्रेणी – 22 लाख
3. पते पर अनुपस्थित – 9.7 लाख
4. दोहरा पंजीकरण – 7 लाख

जब हमने बारीकी से जांच की, तो कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए

1. 20,368 बूथों पर 100 से अधिक नाम काटे गए।
2. 1,988 बूथों पर 200 से अधिक नाम काटे गए।
3. 7,613 बूथों पर 70 फीसदी या उससे अधिक महिलाओं के नाम काटे गए।
4. 635 बूथों पर प्रवासी श्रेणी में काटे गए नामों में 75 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं।
5. 7,931 बूथों पर काटे गए 75 फीसदी नाम मृतक श्रेणी में हैं।
6. 80 बूथों पर 50 फीसदी से अधिक वोटरों की उम्र 50 साल से कम दिखाई गई, जो पूरी तरह से असंभव है।

बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम कटे

कुल मिलाकर बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं। यह साफ इशारा करता है कि महिलाओं को टारगेट करके उनके वोटिंग अधिकार छीने जा रहे हैं। वहीं मृतक श्रेणी में गड़बड़ी मिली जिनमें कई जगह जिंदा लोगों के नाम मृतक सूची में डाल दिए गए हैं। जब हमने अनुपस्थित श्रेणी की गड़बड़ी जागी तो पता चला कि 5,239 बूथों पर 50 से अधिक नाम ‘अनुपस्थित’ बताकर काट दिए गए। यह भी स्पष्ट संकेत है कि जानबूझकर वैध मतदाताओं को लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि एक भी वैध मतदाता को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को चाहिए कि वह कटे हुए नामों का घर-घर जाकर पुनः सत्यापन करे। महिलाओं, गरीबों और हाशिये पर खड़े समाज के लोगों के वोट काटने का यह षड्यंत्र तुरंत रोका जाए। साथियों, लोकतंत्र की बुनियाद मतदाता सूची की पवित्रता पर टिकी है। यदि आयोग ही पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करेगा तो लोकतंत्र का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। हमारी मांग है कि चुनाव आयोग इन 89 लाख विसंगतियों की गंभीरता से जांच करे और हर वैध नागरिक का नाम मतदाता सूची में बहाल करे।

चुनाव आयोग मनमानी करना बंद करें – राजेश राम

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि चुनाव आयोग मनमानी करना बंद करें और दर्ज आपत्तियों को स्वीकार कर अग्रेत्तर कार्रवाई करें लेकिन भाजपा के इशारे पर बिहार की आम जनता का वोट काटकर भाजपा को वोटचोरी में मदद न करें। भाजपा के इशारे पर बिहार में चुनाव आयोग ने जिस तरीके से आनन फानन में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन किया वो पूरी तरीके से गलत और हड़बड़ी में पूरी की जा रही प्रक्रिया थी जिसपर हमने शुरू से ही सवाल उठाया था और अब खामियां आपके सामने दिख रही हैं। अब चुनाव आयोग आपत्तियों पर क्या कार्रवाई करती है ये देखना शेष रह गया है।

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SIR अपने शुरुआत से ही संदेहास्पद लग रहित ही और अब खामियां बता रही है – अखिलेश प्रसाद सिंह

राज्यसभा सांसद और अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि ये स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अपने शुरुआत से ही संदेहास्पद लग रहित ही और अब खामियां बता रही है कि ये पूरी तरीके से भाजपा के शह पर की गई कार्रवाई थी। इसकी खामियां अब पूरा देश देख रही है। वोटर अधिकार यात्रा में हमारे नेता राहुल गांधी के प्रति आम लोगों ने जो प्यार और समर्थन दिया वो बताने के लिए काफी है कि वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा बिहार के चुनाव का एंथम बन चुका है।

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संवाददाता सम्मेलन का संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने किया

संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, विधायक दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान, राज्यसभा सांसद पूर्व अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय मीडिया कॉर्डिनेटर अभय दुबे, प्रेमचंद मिश्र, विधायक अजीत शर्मा, मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. अजय उपाध्याय, प्रियंका गुप्ता, अजय चौधरी और डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पांडेय सहित नए नेतागण मौजूद रहें।

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प्रेम कश्यप की रिपोर्ट

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