Rahul Gandhi के सवालों का लिखित जवाब देने का चुनाव आयोग ने किया ऐलान

डिजिटल डेस्क : Rahul Gandhi के सवालों का लिखित जवाब देने का चुनाव आयोग ने किया ऐलान। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने शुक्रवार को फिर नए सिरे से नए तेवर और कलेवर में चुनाव आयोग पर हमला बोला। Rahul Gandhi ने चुनाव आयोग को फिर से महाराष्ट्र में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के मसले पर घेरा तो चुनाव आयोग ने भी जवाब देने में देर नहीं लगाई।

चुनाव आयोग ने ट्वीट कर बताया, ‘चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को प्राथमिकता वाले हितधारकों के रूप में मानता है।

…बेशक मतदाता सबसे अहम होता है और राजनीतिक दलों से आने वाले विचारों, सुझावों और सवालों को भी बहुत महत्व दिया जाता है।

…आयोग पूरे देश में समान रूप से अपनाए गए पूर्ण तथ्यात्मक और प्रक्रियात्मक मैट्रिक्स के साथ लिखित रूप में जवाब देगा।’

Rahul Gandhi ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप…

कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) सांसद संजय राउत के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी स्पीकर हॉल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में Rahul Gandhi ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। Rahul Gandhi ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। Rahul Gandhi ने दावा किया कि चुनाव परिणामों में हेराफेरी की गई है।

Rahul Gandhi ने कहा कि – ‘हम इस टेबल पर महाराष्ट्र में पिछला चुनाव लड़ने वाले पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम चुनाव के बारे में कुछ जानकारी लाने जा रहे हैं। हमने विवरण का अध्ययन किया है। मतदाताओं और मतदान सूची का। हमारी टीमें काम कर रही हैं। हमें कई अनियमितताएं मिली हैं।

…चुनाव परिणामों में हेराफेरी की गई है। महाराष्ट्र में विधानसभा 2019 और लोकसभा 2024 के बीच पांच साल में 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए।

…लोकसभा 2024 और विधानसभा 2024 के बीच 5 महीने में 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए। सवाल ये है कि 5 महीने के अंदर पिछले 5 साल से ज्यादा मतदाता कैसे जोड़े गए?’

शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करते राहुल गांधी के साथ संजय राउत।
शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करते राहुल गांधी के साथ संजय राउत।

Rahul Gandhi संग संजय राउत और सुुप्रिया सुले ने भी बोला हमला…

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, ‘…अगर देश का चुनाव आयोग ‘जिंदा’ है तो उन्हें राहुल गांधी ने जो पूछा है उसका जवाब देना चाहिए। चुनाव आयोग जवाब नहीं देगा, क्योंकि वे उस सरकार के गुलाम बन गए हैं।

…ये अतिरिक्त 39 लाख मतदाता अब कहां जाएंगे? वे बिहार जाएंगे क्या? हमने उनमें से कुछ को दिल्ली चुनाव में देखा। वे अब बिहार और फिर यूपी जाएंगे।’

शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करते राहुल गांधी के साथ सुप्रिया सुले।
शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करते राहुल गांधी के साथ सुप्रिया सुले।

एनसीपी-एससीपी नेता सुप्रिया सुले ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी बैलेट पेपर पर दोबारा चुनाव हों, जहां हमारे उम्मीदवार जीते हैं। 11 सीटें ऐसी हैं, जहां हम पार्टी के चुनाव चिन्हों के बीच भ्रम के कारण चुनाव हार गए।

…यहां तक कि सत्ताधारी पार्टी ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। हमने ‘तुतारी’ चुनाव चिन्ह बदलने के लिए कई बार अनुरोध किया, लेकिन अनुरोध पर विचार नहीं किया गया। हम केवल चुनाव आयोग से निष्पक्षता की मांग करते हैं।’

शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करते राहुल गांधी।
शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस करते राहुल गांधी।

महाराष्ट्र चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पर Rahul Gandhi ने दागे एकाधिक सवाल…

महाराष्ट्र चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पर Rahul Gandhi ने एकाधिक सवाल दागते हुए कहा कि – ‘हम चुनाव आयोग से कह रहे हैं कि हमें गड़बड़ी मिल रही है। हमें महाराष्ट्र के मतदाताओं के नाम और पते वाली मतदाता सूची चाहिए। हमें लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची चाहिए।

…हमें विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची चाहिए। हम यह समझना चाहते हैं कि ये नए नाम कौन-कौन से हैं? बहुत सारे मतदाता हैं, जिनके नाम हटा दिए गए हैं। एक बूथ के मतदाता दूसरे बूथ पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इनमें से ज्यादातर मतदाता दलित समुदायों, आदिवासी समुदायों और अल्पसंख्यक समुदायों से आते हैं।

…हमने चुनाव आयोग से बार-बार अनुरोध किया है। उन्होंने हमें कोई जवाब नहीं दिया है। विपक्ष के नेता ने संसद भवन में यह बात कही है। चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया है। अब उनके जवाब न देने का एकमात्र कारण यह है कि उन्होंने जो किया है, उसमें कुछ गड़बड़ है।

…मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं। मैं यहां स्पष्ट रूप से डेटा प्रस्तुत कर रहा हूं।…चुनाव आयुक्त को चुनने की प्रक्रिया में बदलाब हुआ है। सवाल ये है कि 5 महीने के अंदर पिछले 5 साल से ज्यादा मतदाता कैसे जोड़े गए?

…यह हिमाचल प्रदेश के कुल मतदाताओं के बराबर है। …दूसरा मुद्दा यह है कि महाराष्ट्र में राज्य की पूरी मतदाता आबादी से ज्यादा मतदाता क्यों हैं? किसी तरह से अचानक ही महाराष्ट्र में मतदाता बनाए गए हैं।’

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