महिला जीप सदस्य ने संवेदक और जेई पर लगाया अमार्यादित व्यवहार का आरोप, सुरक्षा की मांग
धनबाद : जिप सदस्य ने निर्माण कार्य- जिला परिषद की महिला सदस्यों ने जिले में
चल रहे विकास के कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया.
वहीं संवेदक एवं जेई पर अमर्यादित व्यवहार करने का भी आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की.
उन्होंने प्रत्येक महिला जिप सदस्य के लिए बॉडीगार्ड मुहैया कराने की मांग जिला प्रशासन
एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की है. जिप सदस्य ने मांगे पूरी नहीं होने पर
मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की शिकायत करने एवं आंदोलन की भी चेतावनी दी है.

जिप सदस्य ने निर्माण कार्य: विकास के कार्यों में हो रही धांधली
शनिवार को मीडिया से बात करते हुए जिप सदस्य पिंकी मरांडी एवं स्वाति कुमारी ने कहा कि तमाम जिला परिषद सदस्यों के इलाके में किए जा रहे विकास के कार्यों में व्यापक पैमाने पर धांधली हो रही है. निरसा क्षेत्र में बन रहे कस्तूरबा विद्यालय जो कि डीएमएफटी फंड से बनाया जा रहा है, वहां बंगला भट्ठा से तैयार ईंट का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा आरईओ के द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण में भी व्यापक पैमाने पर धांधली हो रही है.

दोनों महिला सदस्यों ने की सुरक्षा की मांग
जिप सदस्य ने कहा कि निरीक्षण के क्रम में उन्होंने जब अनियमितता पकड़ी तो संबंधित संवेदक एवं विभागीय कनीय अभियंता के द्वारा उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया गया एवं धमकी भी दी गई. दोनों महिला सदस्यों ने सुरक्षा की मांग करते हुए जिला प्रशासन से अंगरक्षक मुहैया कराने की मांग की है. अनियमितता नहीं रोके जाने की स्थिति में एवं सुरक्षा नहीं उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करने एवं आंदोलन की बात भी कही है.

जिप सदस्य ने निर्माण कार्य: कार्य में नहीं हुई कोई धांधली- संवेदक
वही पूरे मामले में जब संवेदक सिराजुद्दीन अंसारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कार्य में कोई धांधली नहीं हुई है. कोई अनियमितता नहीं बरती गई है. तमाम आरोप मनगढ़ंत और बेबुनियाद है. वह हर तरह की जांच के लिए तैयार है .
जिप सदस्य की आपत्ति पर होगी जांच- जेई
पूरे मामले में संबंधित कार्यपालक अभियंता राम नारायण सिंह ने कहा कि कस्तूरबा विद्यालय में निर्माण कार्य बेहतर हुआ है. कहीं कोई शिकायत नहीं आई है. इसके बावजूद अगर जिप सदस्य के द्वारा आपत्ति जताई गई है तो वह फिर से जांच कराएंगे. आवश्यकता पड़ी तो निर्माण कार्य को तोड़ कर जांच की जाएगी. अगर कोई दोषी पाया गया तो उस पर कार्रवाई भी होगी.
रिपोर्ट: राजकुमार जायसवाल

















