छात्र आशीष गिरी से डीएम ने की मुलाकात, यूक्रेन में फंसे बच्चों की बतायी कहानी
मोतिहारी : छात्र आशीष गिरी से डीएम ने की मुलाकात, यूक्रेन में फंसे बच्चों की बतायी कहानी-
यूक्रेन से घर वापस लौटे छात्र आशीष गिरी से मिलने डीएम शीर्षत कपिल अशोक उनके घर पहुंचे.
डीएम ने आशीष से युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन की स्थिति की जानकारी ली.
साथ ही यूक्रेन से निकल कर इंडिया पहुंचने तक के यात्रा के बारे में आशीष के पूछा.
आशीष ने बातचीत के क्रम में यूक्रेन और वहां फंसे बच्चों की कहानी बतायी.
वहीं, अपने पुत्र की सही सलामत वापसी पर बात करते हुए
उसके पिता मुन्ना गिरी ने भावुक होकर भारत और बिहार सरकार के सराहनीय कदम की तारीफ की.
आशीष की घर वापसी पर उसके पड़ोसियों और मोहल्लेवासियों में खुशी का माहौल है.
सभी लोग भारत माता और भारत सरकार की जय के नारे लगा रहे थे.
चेनिबस्ति में बंकर में लिया था शरण
परिजनों ने बताया कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस बच्चे को डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए यूक्रेन भेजा था, वो इस स्थिति में फंस जाएगा. स्थिति ये थी कि बेटा कई दिनों तक यूक्रेन के चेनिबस्ति में बंकर में शरण लिए हुए थे. उसके पास खाने-पीने का भी कोई सामान नहीं था और ना ही पैसे थे. न कोई अपना और न कोई हितैषी सहारा था. ऐसे में सिर्फ ऊपर वाले से उम्मीद थी. लेकिन भारत सरकार ने बच्चों को सुरक्षित वहां से लाने की व्यवस्था कर दी. अब बच्चे अपने घर लौट रहे हैं.
छात्र निसबाह रहमत के परिजन से मिले अधिकारी
इसके अलावा एसडीओ सदर सौरभ सुमन यादव, अपर समाहर्ता आपदा अनिल कुमार ने फंसे मोतिहारी के छात्र निसबाह रहमत के परिजन से मिलने अगरवा मुहल्ला पहुंचे. पदाधिकारियों ने निसबाह के पिता अफाक अहमद से मिलकर उनका हालचाल जाना. अधिकारियों ने निसबाह के परिजन को बताया कि भारत सरकार, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के सहयोग से उनके बेटे की वतन वापसी के लिए प्रयास किया जा रहा है.
सभी छात्रों के सकुशल वापसी के लिए काम कर रही सरकार- डीएम
डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि सरकार यूक्रेन में फंसे सभी छात्रों के सकुशल वापसी के दिशा में काम कर रही है. आशीष गिरी भी सरकार के प्रयास से यूक्रेन से मुंबई पहुंचा. जहां से बिहार सरकार ने अपने खर्च पर आशीष को घर तक पहुंचाया है. जो जिला में यूक्रेन से आने वाला पहला छात्र है और जिला के दो अन्य छात्र भी मुंबई पहुंच चुके हैं. उन्होंने बताया कि भारत सरकार सभी भारतीय को यूक्रेन से बाहर निकालने में लगी है और सभी को सरकार सही सलामत वापस लायेगी.
जिला के लगभग 50 छात्र यूक्रेन में फंसे
दरअसल, यूक्रेन में जिला के लगभग 50 छात्र फंसे हुए हैं. जिसमें से सबसे पहला छात्र आशीष अपने घर पहुंचा. जबकि यूक्रेन से मुंबई पहुंचे दो अन्य छात्र मोतिहारी के लिए चल चुके हैं. वहीं जिन छात्रों की अभी वतन वापसी नहीं हो सकी है. उन छात्रों के परिजन से मिलकर जिला प्रशासन के अधिकारी मिल रहे हैं और उनकी हिम्मत बढ़ा रहे हैं. साथ हीं छात्रों के परिजन को उनके सकुशल वापसी का विश्वास दिला रहे हैं.
रिपोर्ट : बृजेश झा
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