कटिहार : कटिहार में न्याय का मजाक उड़ाते हुए डॉक्टर और पुलिस की मिलीभगत का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सदर अस्पताल के डॉक्टर सदानंद प्रेम और नगर थाना के केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि इन्होंने एक सामान्य सीटी स्कैन रिपोर्ट को जानबूझकर फर्जी बना डाला और उसके दम पर 82 वर्षीय महिला ओड्री फिलिप्स बेंजामिन को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। जी हां एक 82 साल की वृद्ध महिला जिनका कसूर बस इतना है कि वे एक मारपीट केस से जुड़ी हैं। अब उन्हें सीटी स्कैन पॉलिटिक्स का शिकार बना दिया गया है।

पीड़िता दर-दर भटक रही हैं, जिले के अफसरों से न्याय की भीख मांग रही हैं
आपको बता दें कि पीड़िता दर-दर भटक रही हैं। जिले के अफसरों से न्याय की भीख मांग रही हैं लेकिन सब चुप हैं। मानो संवेदनाएं रिटायरमेंट पर चली गई हो। इस पूरे मामले का खुलासा सोशल एक्टिविस्ट विक्टर झा ने किया है। उन्होंने इसे न सिर्फ सामने लाया बल्कि डॉक्टर और दारोगा की इस जुगलबंदी पर सवाल भी खड़े किए हैं। पीड़िता का आरोप है कि झूठी मेडिकल रिपोर्ट बनाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। अब सवाल उठता है क्या न्यायालय को गुमराह करने की साजिश रचने वाले डॉक्टर और पुलिस पर कोई कार्रवाई होगी या फिर कटिहार में न्याय भी कनेक्शन देखकर तय होगा।
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सिविल सर्जन ने कहा- आवेदन मिला है, जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
इस मसले पर जब सिविल सर्जन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आवेदन मिला है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मतलब जांच अभी लंबी चलेगी और बुज़ुर्ग महिला को तब तक अपनी उम्र से भी लंबा इंतजार करना होगा। क्या बुर्जुग महिला से कटिहार में इंसाफ अब सीटी स्कैन रिपोर्ट से तय होगा। 82 साल की महिला की चीखें किसी अफसर के इयरफोन तक पहुंच पाएंगी या फिर ये मामला भी फाइल में सिमट कर रह जाएगा। बहरहाल, डॉक्टर-दारोगा की यह दोस्ती अब जांच के घेरे में है लेकिन सच का सीटी स्कैन कब होगा, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
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रतन कुमार की रिपोर्ट
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