प्रगति यात्रा के दौरान CM ने मधुबनी जिले को दी 1107 करोड़ रुपये की सौगात

प्रगति यात्रा के दौरान CM ने मधुबनी जिले को दी 1107 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात, 139 योजनाओं का किया उद्घाटन, कार्यारंभ एवं शिलान्यास

मधुबनी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के क्रम में मधुबनी जिले को 1107 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 139 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन, कार्यारंभ एवं शिलान्यास किया। प्रगति यात्रा के क्रम में मधुबनी जिला के प्रखंड खुटौना स्थित ग्राम दुर्गीपट्टी पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अमर शहीद रामफल मंडल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने मधुबनी जिला अंतर्गत खुटौना प्रखंड के ग्राम दुर्गीपट्टी के वार्ड संख्या-14 में सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों एवं शिक्षिकाओं से बातचीत कर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे एवं शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को ठीक से पढ़ाएं। साथ ही इनमें सीखने की कला विकसित करें। इस प्रकार से बच्चों को पढ़ाएं कि उनकी पढ़ाई में रूचि बढ़े ताकि वे बड़े होकर एक बेहतर नागरिक बन सकें। यही हमारी भावी पीढ़ी है जो राज्य और देश के भविष्य हैं। ग्राम दुर्गीपट्टी में जीविका दीदियों एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने मधुबनी जिले में अभियान बसेरा-2 के अंतर्गत कुल 926 बास भूमि विहीन परिवारों के बीच पर्चा एवं नवनियुक्त अमीनों को नियुक्ति पत्र वितरित किया।

मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना का सांकेतिक चेक, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का सांकेतिक चेक, स्वस्थता पत्र, 23 हजार 861 जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1 लाख 43 हजार 166 जीविका दीदियों को बैंक लिंकेज के द्वारा आर्थिक सहयोग हेतु 260 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक, 5 हजार 670 जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 28 हजार 350 जीविका दीदियों को सामुदायिक निवेश निधि के तहत 56 करोड़ 70 लाख रुपये का सांकेतिक चेक, 2875 सतत् जीविकोपार्जन योजना की लाभार्थी दीदियों को आर्थिक सहयोग हेतु 11 करोड़ 50 लाख रुपये का सांकेतिक चेक, दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल की चाबी, सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत ई-रिक्शा की चाबी मुख्यमंत्री ने लाभुकों को प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने स्टॉल निरीक्षण के क्रम में जीविका दीदियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आप सभी बहुत अच्छा काम कर रही हैं। मैं आप सभी को बधाई देता हूं। जब हम सांसद थे और केंद्र में मंत्री थे तब विभिन्न जगहों पर जाकर हमने स्वयं सहायता समूहों के कामों को देखा था। बिहार में स्वयं सहायता समूहों की संख्या काफी कम थी। वर्ष 2005 में जब हमलोगों को बिहार में काम करने का मौका मिला, उसके बाद वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ानी शुरू की। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ‘जीविका दीदी’ नाम हमने ही दिया।

हमलोगों के काम से प्रेरित होकर उस समय की केंद्र सरकार ने इसका नाम ‘आजीविका’ दिया। हम जहां भी जाते हैं जीविका दीदियों से जरूर मिलते हैं। उनकी बातों को सुनते हैं और यदि उनकी कोई मांग या समस्या रहती है तो मौके पर मौजूद अधिकारी उन समस्याओं का समाधान भी करते हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं की स्थिति काफी अच्छी हुई है। वे तरह-तरह के व्यवसाय से जुड़ी हैं, जिससे उनकी अच्छी आमदनी हो रही है।

राजकीय मध्य विद्यालय दुर्गीपट्टी के प्रांगण में मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय में छत वर्षा जल संचय का निर्माण कार्य, सरकारी तालाब का सौंदर्गीकरण, सरकारी तालाब के पास मनरेगा पार्क का निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत दुर्गीपट्टी में मुख्य सड़क से लेकर जल नल के किनारे तक मिट्टी, खरंजा एवं पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण कार्य तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय की छत पर सौर ऊर्जा हेतु 10 किलोवाट का सोलर प्लेट का अधिस्ठापन कार्य शामिल है।

उद्घाटन के पश्चात मुख्यमंत्री ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सौंदर्गीकृत कराए गए अमृत सरोवर, दुर्गीपट्टी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सरोवर के चारो तरफ सीढ़ीनुमा घाट का निर्माण कराएं। वर्ष 2019 में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत कर हमलोगों ने सभी सार्वजनिक कुओं और पोखरों आदि का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्गीकरण का काम प्रारंभ कराया था। इस सरोवर के चारो तरफ पाथ-वे का निर्माण कराया गया है। सरोवर के आसपास सघन वृक्षारोपण भी किया गया है। इसके चारो तरफ जब सीढ़ीनुमा घाट का निर्माण हो जाएगा तो यहां का दृश्य और भी सुंदर दिखेगा।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री सुक्की गांव स्थित निरीक्षण स्थल पर पहुंचकर पुरानी कमला धार, जीवछ नदी, जीवछ कमला, पुरानी कमला नदी आदि को पुनर्जीवित करने एवं इससे सिंचाई बढ़ाने तथा बाढ़ न्यूनीकरण की प्रस्तावित योजना का अवलोकन किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस प्रस्तावित योजना से कमला बलान नदी के अत्यधिक पानी को सुखाड़ वाले इलाके में पहुँचाना है और बाढ़ अवधि में कमला बलान तटबंध के दबाव को कम करना है। साथ ही बाढ़ अवधि के समय नदी में आये अत्यधिक पानी को डायवर्ट कर बाढ़ के प्रतिकूल प्रभाव से जनजीवन को प्रभावित होने से बचाना भी है।

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इस योजना का उद्देश्य है कि सूखाग्रस्त इलाके में पानी पहुँचाकर खेती योग्य भूमि को अत्यधिक उपजाऊ बनाना है। इस योजना के पूर्ण होने से लगभग 10 हजार हेक्टेयर में किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में जल की उपलब्धता के कारण जलीय उत्पाद मखाना आदि के पैदावार में बढ़ोत्तरी होगी। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और मधुबनी एवं दरभंगा जिले के ग्राउंड वाटर टेबल के रिचार्ज में भी लाभ होगा। इस योजना की प्राक्कलित राशि 358.20 करोड़ रुपये है। इससे मधुबनी एवं दरभंगा जिले के 92 गांव लाभान्वित होंगे।

इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने झंझारपुर प्रखंड के अररिया संग्राम ग्राम के समीप सुगरवे बियर रिवरफ्रंट का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सुगरवे नदी पर 1396.11 लाख रुपये की नदी तट विकास एवं सुरक्षात्मक कार्यों का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने सुगरवे बियर रिवर फ्रंट का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा बना है। यहां का दृश्य काफी अच्छा लग रहा है।

लोगों को यहां घूमने और शाम के वक्त बैठने में अच्छी अनुभूति होगी। साथ ही इसके किनारे व्रतियों को छठ महापर्व करने में भी सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने सुगरवे बियर रिवर फ्रंट स्थल से ही मधुबनी जिले की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री एनएच 57 के पश्चिमी कोसी नहर के अंतिम छोर बिदेश्वर स्थान पर स्थित नहर के विस्तारीकरण हेतु प्रस्तावित योजना का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान रेखाचित्र के माध्यम से अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि उगनाद शाखा नहर का 33.63 किमी लंबाई में एवं बिदेश्वर स्थान उप शाखा नहर का 21.34 किमी लंबाई में विस्तारीकरण की योजना है।

इससे मधुबनी एवं दरभंगा जिले के 80 गांवों को फायदा होगा और 26 हजार 879 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के लिए लाभान्वित होगा। इस योजना की प्राक्कलित राशि 569.18 करोड़ रुपये है। स्थल निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे दरभंगा एवं मधुबनी जिले के किसानों को सिंचाई में काफी सहूलियत होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में जल की उपलब्धता बढ़ने से जलीय उत्पाद मखाना, सिंघाड़ा और मछली आदि के पैदावार में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नहर का निर्माण कार्य बेहतर ढंग से कराएं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री सह मधुबनी जिले की प्रभारी मंत्री लेशी सिंह, उद्योग सह पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, सांसद संजय कुमार झा, सांसद रामप्रीत मंडल, विधायक रामप्रीत पासवान, पूर्व विधायक लक्ष्मेश्वर राय, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ

जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त मनीष कुमार, दरभंगा प्रक्षेत्र की पुलिस उप महानिरीक्षक स्वपना गौतम मेश्राम, मधुबनी के जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा एवं मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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