मोतिहारी : बिहार के साथ-साथ पूर्वी चंपारण जिला भी शीतलहर की चपेट में है। 280 करोड़ की बजट बनाने वाली मोतिहारी नगर निगम के तरफ से इस कड़ाके की ठंड होने के बावजूद अलाव की व्यवस्था मोतिहारी के किसी भी चौक-चौराहे पर नहीं की गई है। देर रात कचहरी, मीना बाजार, ज्ञान बाबू, सदर अस्पताल चौक और स्टेशन चौक के साथ-साथ लगभग आधे दर्जन चौक- चौराहे का जायजा लिया लेकिन कहीं भी इस कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
वहीं रिक्शा वाले, टेंपो वाले और सब्जी बेचने वाले गरीब मजदूर वर्ग के लोग किसी तरह जुगाड़ तंत्र से अपने जीवन को बचाने में जुटे हैं। मीना बाजार चौक पर रिक्शा चालक और सब्जी विक्रेता ने किसी तरह की कोई अलाव की व्यवस्था नगर निगम और जिला प्रशासन के द्वारा नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं स्टेशन के पास टेंपो चालकों ने किसी तरह कचरे का जुगाड़ कर अलाव की व्यवस्था अपने तरीके से की है ताकि इस कड़ाके की ठंड से खुद को बचा जा सके। वहीं बात करते हुए रिक्शा चलाको और सब्जी विक्रेता ने नगर निगम पर जमकर भड़ास निकालते हुए निगम की पोल खोल दी है। किसी तरह की अलाव की व्यवस्था नहीं होने का आरोप भी लगाया है।

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वहीं टेंपो चालकों ने नगर निगम को केवल टैक्स वसूलने वाला निगम बताया है और ठंड से बचने के लिए किसी तरह के उपाय नहीं करने का आरोप भी लगाया है। जिस तरह नगर निगम होल्डिंग टैक्स और सफाई टैक्स के साथ-साथ कई तरह के टैक्स के रूप में जनता से मोटी राशि वसूल करती है। इस कड़ाके की ठंड में नगर निगम ने अलाव की व्यवस्था करना मुनासिब नहीं समझा है। लोगों को यूं ही ठंड में मरने को मजबूर कर दिया है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर को लेकर मौके से जरा जानकारी दे रहे हैं।
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सोहराब आलम की रिपोर्ट







