रांची: मनरेगा घोटाले में मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान में गिरफ्तार निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के पल्स अस्पताल व पल्स डायग्नोस्टिक सह इमेजिंग सेंटर को ईडी अंतिम रूप से जब्त कर लिया था अब इस अस्पताल के संचालन को लेकर विचार जारी है।

ईडी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से पत्राचार कर पल्स अस्पताल व पल्स डायग्नोस्टिक सह इमेजिंग सेंटर की पूरी जानकारी दी है। ईडी ने स्वास्थ्य मंत्रालय से यह अनुशंसा की है कि उक्त अस्पताल को मंत्रालय अपने अधीन लेकर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, रिसर्च सेंटर आदि के रूप में संचालित कराए।
ईडी की इस अनुशंसा पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में इसको लेकर अभी विचार चल रहा है। मनरेगा घोटाले में तत्कालीन खान सचिव पूजा सिंघल व इनसे जुड़े ठिकानों पर ईडी ने गत वर्ष छह मई 2022 को एक साथ छापेमारी की थी। इस छापेमारी में पूजा सिंघल के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के पास से 19.76 करोड़ रुपये नकद मिले थे।

सुमन कुमार ने ईडी की पूछताछ में स्वीकारा था कि उक्त राशि पूजा सिंघल की है, जो अवैध खनन से कमीशन के रूप में मिले हैं। इसके बाद से ही पूजा सिंघल पर ईडी की घेराबंदी और कड़ी हुई थी। मनरेगा घोटाला में मनी लांडिंग के तहत ईडी ने तत्कालीन खान सचिव पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बाद में पूजा सिंघल के खिलाफ पांच जुलाई 2022 को ईडी ने आरोप पत्र दाखिल किया था। मनी लांड्रिंग मामले में पूजा सिंघल सहित गिरफ्तार तीनों व्यक्ति फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इनमें पूजा सिंघल, उनके सीए सुमन कुमार व तत्कालीन कनीय अभियंता राम विनोद प्रसाद सिन्हा शामिल हैं। गत 10 मई को ईडी ने अंतिम रूप से पूजा सिंघल की 82.77 करोड़ की संपत्तियां जब्त की थी। मनरेगा घोटाले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच में ईडी को पता चला था कि पूजा सिंघल ने घोटाले व कमीशन में मिली राशि को अपने व अपने परिवार के सदस्यों व रिश्तेदारों के खाते में जमा करवाया।







