बिहार में चुनाव आयोग भाजपा जदयू को पहुंचाएगी फायदा, राजद कांग्रेस ने कहा…

पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार में सभी राजनीतिक दल के साथ ही चुनाव आयोग भी तैयारी में जुटा हुआ है। एक तरफ जहां सभी राजनीतिक पार्टियां लोगों के बीच में जा कर मतदाताओं को अपनी आगामी योजना बताते हुए अपने पक्ष में करने में जुटी हुई है तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव आयोजित करवाने के लिए लगातार तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही चुनाव आयोग पिछले चुनावों में विपक्ष के द्वारा लगाये आरोपों को ध्यान में रख कर भी नए प्रयोग कर रहा है।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बिहार में गहन मतदाता पुनरीक्षण करवाने का निर्णय लिया है जो बुधवार से शुरू भी हो गया। मतदाता पुनरीक्षण के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अवैध मतदाताओं के नाम हटाये जायेंगे साथ ही जो नए मतदाता होंगे उनके नाम जोड़े भी जायेंगे। मतदाता पुनरीक्षण का विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। राजद प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राजद के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने चुनाव आयोग पर भाजपा जदयू को फायदा दिलाने के लिए पुनरीक्षण कार्य करवाने का आरोप लगाया।

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मंगनी लाल मंडल ने कहा कि 2003 के बाद से अब तक जब पुनरीक्षण कार्य नहीं किया गया तो इस बार ही करवाने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचितों को मतदान से वंचित रखने के लिए साजिशन पुनरीक्षण कार्य करवाया जा रहा है ताकि भाजपा और जदयू को फायदा हो सके। मतदाता सूची में शामिल करने के लिए जिन दस्तावेजों की मांग की गई है उसमें लाखों परिवार के पास वह दस्तावेज उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से वे मतदान से वंचित रह जायेंगे। बता दें कि बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की राजनीतिक दलों के साथ बैठक में भी राजद ने पुनरीक्षण कार्य का विरोध किया था।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने भी कहा कि मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम का समय और समय सीमा इस काम पर संदेह खड़ा कर रहा है। अगर मतदाता सत्यापन सही काम भी है फिर भी अभी क्यों करवाया जा रहा है, पहले क्यों करवाया गया। अभी मतदाता सत्यापन कराया जाना अपने आप में संदेह खड़ा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह अभियान किसी एक वर्ग विशेष को निशाना बनाने की साज़िश का हिस्सा हो सकता है।

ऐसे कदम से ऐसा प्रतीत होता है कि किसी खास तबके को वोटिंग प्रक्रिया से बाहर रखने की कोशिश हो रही है। यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा सवाल है। राजेश राम ने चुनाव आयोग से अपील की कि वह पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्य करे, ताकि लोकतंत्र की नींव मजबूत बनी रहे।

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