Aurangabad– पांच अगस्त को अपराधियों की गोली का शिकार हुए बहुचर्चित सुजीत हत्याकांड का चस्मदीद गवाह चंदन ने हत्याकांड की सारी बारीकियों को खोल दिया है.
Highlights
चंदन ने बतलाया है कि 5 अगस्त की शाम सुजीत मेहता उसके साथ अंबा से अपना घर दधपा बिगहा लौट रहा था.
इसी दौरान बतरे नदी पुल के पास हथियारबन्द अपराधियों ने पीछे से पीठ में गोली मारकर दी.
इस हमले में चंदन को भी गोली लगी थी. घटना के बाद पुलिस को चंदन के बयान की जरुरत थी.
लेकिन चंदन भागा फिर रहा है.
आज वह मीडिया के सामने आकर अपनी बात को रखा और प्रशासन को सुरक्षा देने की मांग की.
चंदन का कहना है कि जब वह अंबा से घर लौट रहा था,
सुजीत उसे मिला. सुजीत का घर भी उसी रास्ते में पड़ता है. सुजीत ने बतलाया कि उसे भी घर लौटना है.
उसकी पत्नी को मार्केट भी जाना है. दोनों साथ में बाजार जाते हैं.
लौटने के क्रम में वह दोनों एक ही बाइक पर थें, जबकि सुजीत की पत्नी अपनी भाई के साथ दूसरे बाइक में थी.
बतरे नदी के पुल के पास पहुंचते ही सुजीत को पीछे से गोली मार दी गयी.
वह बाइक से नीचे गीर पड़ा और बाइक अनियंत्रित होकर पुल के ऊपर से नदी में गिर पड़ा.
बाइक के साथ चंदन भी नदी में गिर गया.
इसके बाद अपराधियों ने सुजीत के उपर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी.
चस्मदीद गवाह चंदन ने की सुरक्षा की मांग
चंदन ने कहा कि गोली आकाश सिंह और चुन्नू सिंह की ओर से चलाया जा रहा था.
दोनों अपने पिता की हत्या का बदला लेने की बात कह रहे थें.
मैं किसी तरह पुल पर चढ़ा, तब तक वहां पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गयी थी.
उन्ही लोगों के द्वारा दोनों को औरंगाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
जहां चिकित्सकों ने सुजीत मेहता को मृत घोषित कर दिया और चंदन का इलाज करने से इंकार कर दिया.
चंदन ने बताया कि मैं काफी भयभीत था और अपराधी इतने दबंग है कि वह कभी भी गोली मार सकता है.
लेकिन यदि प्रशासन सुरक्षा मुहैया करवाये तो कोर्ट के सामने बयान दे सकता हूं.
लेकिन स्वस्थ होने तक मैं इधर-उधर छुपा रहूंगा.
घायल चंदन ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगायी है.
रिपोर्ट- दीनानाथ