रांची में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का खेल बढ़ा। नगर निगम ने चेतावनी जारी की और बताया कि QR कोड स्कैन कर ही प्रमाण पत्र की असली पहचान करें।
Fake Birth Certificate Racket का खुलासा रांची: राजधानी के स्कूलों में इन दिनों नामांकन की प्रक्रिया चल रही है और इसी दौरान जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता का फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा बढ़ने लगा है। कई अभिभावक शिकायत कर रहे हैं कि कुछ दलाल उन्हें असली जैसे दिखने वाले नकली जन्म प्रमाण पत्र थमा रहे हैं। हालात बिगड़ते देख नगर निगम ने सार्वजनिक अपील जारी की है और लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
Key Highlights:
• राजधानी के स्कूलों में नामांकन के दौरान जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता
• दलाल असली जैसे दिखने वाले नकली प्रमाण पत्र थमा रहे हैं
• नगर निगम ने आम सूचना जारी कर लोगों को सतर्क रहने को कहा
• सभी Birth Certificates पर अब QR Code अनिवार्य
• QR Code स्कैन करके de.crsorgi.gov.in साइट खुलना जरूरी
• फर्जी साइटों की सूची जारी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह
Fake Birth Certificate Racket का खुलासा
नगर निगम के प्रशासक ने स्पष्ट किया है कि अब सभी जन्म प्रमाण पत्रों पर QR Code अनिवार्य है। किसी भी प्रमाण पत्र की सत्यता जांचने का सबसे आसान तरीका उसका क्यूआर कोड स्कैन करना है। स्कैन करने पर यदि लिंक सीधे de.crsorgi.gov.in पर पहुंचता है, तो प्रमाण पत्र वास्तविक है, क्योंकि यह भारत सरकार का आधिकारिक जन्म और मृत्यु पंजीकरण पोर्टल है।
अधिकारी ने लोगों को आगाह किया कि अगर स्कैन करने पर कोई दूसरी वेबसाइट खुल जाती है, लिंक एरर दिखता है या पेज लोड ही नहीं होता, तो समझ लें कि प्रमाण पत्र नकली है। ऐसे मामलों की सूचना तुरंत नगर निगम या संबंधित विभाग को दें।
Fake Birth Certificate Racket का खुलासा: फर्जी वेबसाइटों की सूची जारी
नगर निगम ने उन डोमेन की सूची भी जारी की है जिन्हें फर्जी या अनधिकृत पाया गया है। इन साइटों के जरिये लोगों को असली जैसे दिखने वाले नकली जन्म प्रमाण पत्र बेचे जा रहे हैं। निगम ने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह के दलालों से दूरी बनाए रखें और केवल अधिकृत पोर्टल से ही प्रमाण पत्र प्राप्त करें।
Fake Birth Certificate Racket का खुलासा:
अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में बढ़ते नामांकन के समय यह फर्जीवाड़ा चरम पर पहुंच जाता है। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। नगर निगम ने आश्वासन दिया कि फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले गिरोहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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