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Fake IAS Arrest के तहत हुसैनाबाद पुलिस ने जमीन विवाद के बहाने थाने पहुंचे फर्जी आईएएस को गिरफ्तार किया। कार और फर्जी पहचान पत्र बरामद
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Fake IAS Arrest : हुसैनाबाद पुलिस ने एक फर्जी आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी के पास से फर्जी पहचान पत्र, हुंडई कार और कार पर लगा आइपीटीएएफएस अधिकारी का बोर्ड बरामद किया गया है। आरोपी जमीन विवाद के मामले में थाना प्रभारी से मिलने पहुंचा था, लेकिन संदेह के आधार पर की गई जांच में उसका भंडाफोड़ हो गया।

एसडीपीओ एस. मोहम्मद याकूब ने बताया कि यह घटना दो जनवरी की शाम की है। आरोपी ने थाना पहुंचकर खुद को राजेश कुमार बताया और दावा किया कि वह 2014 बैच का ओडिशा कैडर का आईएएस अधिकारी है। उसने खुद को भुवनेश्वर के खरवेला नगर का सीईओ बताते हुए रिश्तेदार के जमीन विवाद में हस्तक्षेप की कोशिश की।
Fake IAS Arrest :फर्जी पहचान और कार से हुआ शक
आरोपी जिस हुंडई कार से थाना पहुंचा था, उस पर आइपीटीएएफएस अधिकारी का बोर्ड लगा हुआ था। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर जेएच 01 जेड 4884 बताया गया है। आरोपी ने अपने पास एक फर्जी आईडी कार्ड भी रखा हुआ था, जिसे तलाशी के दौरान पुलिस ने जब्त कर लिया।
थाना प्रभारी को आरोपी की बातों में विरोधाभास नजर आया। उसने देहरादून और हैदराबाद में भी पोस्टिंग रहने की बात कही, जिस पर संदेह और गहरा गया। इसकी सूचना तुरंत एसडीपीओ को दी गई।
हुसैनाबाद में फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार
जमीन विवाद सुलझाने के बहाने पहुंचा था थाना
फर्जी आईडी कार्ड और हुंडई कार बरामद
एसडीपीओ की जांच में आरोपी की पोल खुली
सात आठ साल से खुद को अधिकारी बताकर घूम रहा था
Fake IAS Arrest :जांच में गांव जाकर खुली पोल
सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ के निर्देश पर जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोपी के गांव जाकर भी पड़ताल की। जांच में सामने आया कि वह किसी भी प्रशासनिक सेवा में कार्यरत नहीं है। इसके बाद आरोपी को थाने बुलाकर पूछताछ की गई, जहां वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कोई अधिकारी नहीं है। उसने बताया कि उसके पिता का सपना था कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाए। इसके लिए उसने चार बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने पिता और रिश्तेदारों से झूठ बोलना शुरू कर दिया और खुद को अधिकारी बताने लगा।
Fake IAS Arrest : सात आठ साल से बन रहा था फर्जी अधिकारी
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले सात से आठ वर्षों से खुद को आइपीटीएएफएस अधिकारी बताकर विभिन्न जगहों पर घूम रहा था। उसने दावा किया कि यह पद आईएएस के समकक्ष होता है और यूपीएससी से चयनित होता है। हालांकि जांच में यह पूरी कहानी फर्जी पाई गई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में फर्जी दस्तावेज रखने और सरकारी पद का दुरुपयोग करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।







