खाद के लिए लाइन में लगने को मजबूर हुए Kaimur में किसान

कैमूर : बिहार सरकार अपने आप को किसानों की हिमायती बताती है लेकिन किसानों की दुर्दशा समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। गेहूं की बुवाई का समय आ चुका हैष ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है। जरूरत के हिसाब से डीएपी खाद कम मात्रा में कैमूर में आने के कारण किसानों के भीड़ खाद लेने के लिए बिस्कोमान केंद्र पर देखी गई। महिला और पुरुष सभी लोग लाइन में खड़े हैं की खाद मिल जाए जिससे कि खेतों की बुवाई समय से की जा सके। ऐसा ही नजारा बिस्कोमान केंद्र मोहनिया में देखने को मिला। जहां महिला पुरुष की लाइन बिस्कोमान केंद्र मोहनिया पर लगी हुई है। अपना जरूरी कार्य को छोड़कर लोग खाद पाने के लिए लाइन में रखकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

किसान बताते हैं कि कोई 12 किलोमीटर दूर से तो कोई 15 किलोमीटर की दूर से खाद लेने के लिए सुबह 8:30 बजे से ही लाइन में लगा हुआ है। जो आगे है उनको तो खाद मिल जा रहा है लेकिन जो लोग पीछे लाइन में लगे हैं उनकी बारी आते-आते खाद खत्म हो जा रही है बहुत परेशानी है। नैनो खाद की हमें आवश्यकता नहीं है फिर भी जबरदस्ती इन लोगों द्वारा नैनो दिया जा रहा है। जिसका कीमत छह सौ रुपए है, बहुत परेशानी है।

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बिस्कोमान केंद्र मोहनिया के प्रभारी चंदन कुमार ने बताया बक्सर रेक पॉइंट से पांच सौ बोड़ा डीएपी और पांच सौ बोड़ा यूरिया खाद आया हुआ था। जहां प्रति किसान पांच बैग का वितरण किया जा रहा है। किसानों को जबरदस्ती नैनो यूरिया खाद नहीं दिया जा रहा है बल्कि उनको बताया जा रहा है इसका उपयोग करना आपके मिट्टी के लिए फायदेमंद है और यहां पर ड्रोन से भी छिड़काव की व्यवस्था रखी गई है। जिनकी आवश्यकता होगी तो यहां सूचना देंगे।

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देवब्रत तिवारी की रिपोर्ट

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