पहली बार घायल नक्सली का एयरलिफ्ट, झारखंड पुलिस का मानवीय चेहरा आया सामने

रांची: झारखंड में उग्रवादियों के सफाए को लेकर सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त अभियान झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा, झारखंड जगुआर के साथ चलाया जा रहा है। झारखंड में नक्सली अपने आखिरी गढ़ और शरण स्थली कोल्हान, चाईबासा क्षेत्र में क्रियाशील है। नक्सलियों के शीर्ष नेता पोलित ब्यूरो मेम्बर मिशिर बेसरा,केन्द्रीय कमिटी सदस्य अनल और असीम मंडल समेत अन्य शीर्ष नक्सली नेताओं और दस्ता सदस्यों के साथ कोल्हान जंगली क्षेत्र चाईबासा में अपना ठिकाना बनाकर विध्वंशक कार्रवाई को अंजाम दे रहें हैं। सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों पर लगातार करारा प्रहार जारी है।

इसी कड़ी में 13 अक्टूबर को कोल्हान के हुसीपी जंगली क्षेत्र में पहले से घात लगाये नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोली-बारी के साथ लैंड माइंस ब्लास्ट किया गया। सुरक्षा बलों द्वारा की गयी जवाबी कार्रवाई से नक्सली भीषण जंगली क्षेत्र का फायदा उठाकर भाग खड़े हुए। इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के जख्मी होने की सूचना मिली। साथ ही यह भी सूचना मिली कि नक्सली अपने एक दस्ता सदस्य को जख्मी हालत में मरने के लिए छोड़कर भाग गये हैं।

इसके बाद 14 अक्टूबर को सुरक्षाबलों द्वारा सघन तलाशी अभियान के दौरान हुसीपी के घनघोर और दुर्गम जंगली क्षेत्र में एक नक्सली मरणासन्न की स्थिति में दिखाई दिया। सुरक्षा बलों द्वारा जख्मी नक्सली को जान बचाने की नीयत से ईलाज के लिए हुसीपी लाया गया और अपने जान को जोखिम में डालकर आईईडी से भरे रास्तों पर पैदल चलते हुए उसे अपने कंधों पर उठाकर लगभग 5 किलोमिटर चलकर हाथीगुरु कैम्प लाया गया। जहां पर उपस्थित सीआरपीएफ के मेडिकल ऑफिसर द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया।वहीं झारखंड पुलिस द्वारा विशेष प्रयास कर जान बचाने की नीयत से और बेहतर ईलाज के लिए हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया।

कोल्हान जंगली क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाये गये लैंड माइंस से सुरक्षा बलों के साथ इलाके के ग्रामीणों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। नवम्बर 2022 से लेकर अब तक 4 सुरक्षा बलों की शहादत के साथ 28 सुरक्षाकर्मी जख्मी हुए हैं। इसके अलावा 16 आईईडी ब्लास्ट से 11 और नक्सलियों द्वारा की गयी हत्या से 5 ग्रामीण मारे गये हैं और 8 ग्रामीण लैंड माइंस ब्लास्ट में गंभीर रूप से जख्मी हुए है। इस जोखिम और चुनौतीपूर्ण हालात में भी झारखण्ड पुलिस सीआरपीएफ के साथ मिलकर “सेवा ही लक्ष्य” को चरितार्थ करते हुए फिर से एक मानवीय चेहरा पूरे समाज के सामने पेश किया है।

दरअसल राज्य में चलाये जा रहे नक्सल उन्मुलन अभियान का एकमात्र उद्देश्य उग्रवाद का खात्मा करना है। ताकि सरकार द्वारा राज्य में चलाए जा रहे विकासशील योजनाओं का लाभ सुदूर क्षेत्रों में भी पहुँचे। झारखण्ड में सरकार द्वारा एक बहुत ही प्रभावी और लाभकारी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति लागू की गई है। इस नीति से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि सरकार और संयुक्त सुरक्षा बल आतंक का अंत बिना किसी जान-माल की हानि या नुकसान के करना चाहते हैं। नक्सलियों के शीर्ष नेताओं से झारखण्ड सरकार और झारखण्ड पुलिस यह अपील करती है कि आतंक का रास्ता छोड़कर मुख्य धारा से जुड़े और अपने और राज्य के विकास के भागी बने। सुरक्षा बलों द्वारा प्रस्तुत किया गया यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

रिपोर्टः कमल कुमार

Thailand Delegation Bihar Tourism: थाईलैंड का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा बिहार,...

Thailand Delegation Bihar Tourism, पटना: बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित फैम टूर ‘लोटस ट्रायंगल—ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट’ के तहत थाईलैंड से...

Lav Kush Pratibha Samman Samaroh: पटना में लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह,...

Lav Kush Pratibha Samman Samaroh, पटना: राजधानी पटना में लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी...

Samrat Chaudhary Developed Bihar: लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने...

Samrat Chaudhary Developed Bihar, पटना: सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में रविवार को “विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक” महामंथन सह लव-कुश...