रणक्षेत्र में तब्दील हुआ जीएमसीएच अस्पताल, जीविका दीदियों ने जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट और बदसलुकी का लगाया आरोप
पश्चिम चंपारण : सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जीएमसीएच एक बार फिर विवाद और हिंसा का केंद्र बन गया है। इस बार अस्पताल परिसर में जीविका दीदियों के साथ मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बल्कि प्रशासनिक नियंत्रण पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
जीविका दीदियों ने बदसलुकी और मारपीट का लगाया आरोप
आरोप है कि जीएमसीएच में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों ने जीविका दीदी की रसोई में काम करने वाली महिलाओं के साथ बदसलूकी की, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। मामूली भोजन ऑर्डर को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि करीब आधा दर्जन जीविका दीदियों को घायल अवस्था में अस्पताल में ही भर्ती कराना पड़ा। उनके गहने और मंगलसूत्र टूटने की भी बात सामने आई है।
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रसोईयों पर जूनियर डॉक्टरों ने किया हमला, जीविका दीदियों ने रसोई किया बंद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक जूनियर डॉक्टर द्वारा फोन कर अन्य डॉक्टरों को बुलाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि बड़ी संख्या में पहुंचे जूनियर डॉक्टरों ने रसोई पर हमला कर दिया और जीविका दीदियों के साथ मारपीट व गाली-गलौज की। इस घटना के विरोध में जीविका दीदियों ने रसोई बंद कर दी है, जिससे अस्पताल की व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। सवाल यह है कि जिले के सबसे बड़े अस्पताल में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है—अस्पताल प्रशासन की, सुरक्षा व्यवस्था की या फिर स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता की? जीएमसीएच में बढ़ती अराजकता अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।
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