रांची: पूर्व सीएम और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-75 (NH-75, खंड-4) का बचा हुआ काम जल्द पूरा कराने की अपील की है। उनकी मांग है कि गढ़वा शहर में दैनिक जाम से मुक्ति मिलने के लिए कार्य शीघ्रतापूर्वक पूरा किया जाए।
उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि इसके अधिकारी नगरों को बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आसानी से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। बाबूलाल के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-75 के रेहला-गढ़वा बाईपास रोड का 1.7 किलोमीटर भूमि के अनुपलब्धता के कारण पूरा नहीं हो सका है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य राजेंद्र तिवारी ने भी चर्चा की है।
बाबूलाल मरांडी के अनुसार, एनएच-75 के निर्माण कार्य का एकरारनामा 2019 में हुआ था और लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष 1.7 किलोमीटर के काम की पूर्ति गैर मजरूआ जमीन पर बने कब्रिस्तान के कारण बाधित हो रही है। इस समस्या का समाधान आवश्यक है। गढ़वा अंचल ने इसकी रिपोर्ट दी है कि कब्रिस्तान गैर मजरूआ जमीन पर अवैध रूप से स्थित है।
सीओ, गढवा द्वारा इस अतिक्रमण को हटाने का आदेश 6 मार्च 2019 को दिया गया था। डीसीस गढ़वा के स्तर पर भी इस मुद्दे को उठाया गया था और 21 दिसंबर 2022 को मजिस्ट्रेट को नियुक्ति दी गई थी ताकि अतिक्रमण हटाया जा सके। लेकिन अभी तक अतिक्रमण हटाने के कारण यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।
राज्य सरकार की उदासीन अवस्था के कारण इस मुद्दे का हल अभी तक नहीं निकला है, जिसके कारण यह परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। बाबूलाल ने यह भी दावा किया है कि उन्हें इस सड़क के निर्माण के खिलाफ विरोध करने वाले लोगों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
11 दिसंबर 2020 को जब कोर्ट ने इस मुद्दे को ध्यान में लिया तो याचिकाकर्ताओं को किसी भी प्रमाणिक सबूत या दस्तावेज़ की पेशकश करने में असफल रहा। इबरार अंसारी बनाम झारखंड सरकार और अन्य लोगों ने कब्रिस्तान के लिए जमीन के आवंटन के संबंध में कोई दस्तावेज़ पेश नहीं किया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली है।







