रांची : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज लोकभवन में ‘हिंदी शिशुकाव्य की प्रवृत्तियां’ शीर्षक पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक की विषय-वस्तु की जानकारी प्राप्त की और इसके लेखक डॉ. अमन कुमार को इस महत्वपूर्ण शोधपरक कृति के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डॉ. अमन कुमार ने बताया कि शिशुओं के सर्वांगीण विकास में साहित्य, विशेषकर कविता, की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिशु काव्य न केवल बच्चों की भाषा क्षमता और संप्रेषण कौशल को विकसित करता है, बल्कि उनमें नैतिक मूल्यों और संस्कारों के बीजारोपण में भी सहायक होता है।
पुस्तक शिशुओं में कम्युनिकेशन सिस्टम के विकास और कविता के माध्यम से शिक्षा को केंद्र में रखकर लिखी गई है
यह पुस्तक शिशुओं में कम्युनिकेशन सिस्टम के विकास और कविता के माध्यम से शिक्षा को केंद्र में रखकर लिखी गई है। मूलतः शोध पर आधारित इस कृति में यह विस्तार से बताया गया है कि शिशुओं के लिए लिखी जाने वाली कविताएं उनके मानसिक विकास में किस प्रकार सहायक होती हैं और दो से छह वर्ष की आयु के बच्चों में सामाजिक संवाद स्थापित करने की क्षमता को मजबूत बनाती हैं। शिशुकाव्य पर संभवतः यह पहला शोध है।
इसी रुचि और शोध का परिणाम यह पुस्तक है – राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार
उन्होंने बताया कि वे जनसंचार के छात्र रहे हैं और शिशु काव्य के माध्यम से संवाद स्थापित करने और बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने की दिशा में उनकी वर्षों से विशेष रुचि रही है। इसी रुचि और शोध का परिणाम यह पुस्तक है। अमन कुमार दूरदर्शन झारखंड में चैनल आपरेशंस स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं ।
इस कार्यक्रम कई राज्यपाल के अलावा कई अधिकारी रहे मौजूद
पुस्तक विमोचन के अवसर पर दूरदर्शन झारखंड के कार्यक्रम प्रमुख अमित कुमार, गोविन्द कुमार झा सहित दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के अधिकारी और कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। इस मौके पर दूरदर्शन के कार्यक्रम अधिशासी सुधीर कुमार, सुशील कुमार, पूर्णिमा कुमारी, ब्रजेश कुमार और सुबास कुमार आदि ने लेखक को बधाई दी है।
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