Hathras Stampede Investigation Update: हाथरस हादसे की एसआईटी ने सौंपी जांच रिपोर्ट, घटनास्थल पर सुबह पहुंचेगी न्यायिक जांच आयोग की टीम

दिल दहलाने वाले हाथरस हादसे की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है जिसमें भगदड़ को लापरवाही और बदइंतजामी का नतीजा बताया गया है।

डिजीटल डेस्क : Hathras Stampede Investigation Update हाथरस हादसे की एसआईटी ने सौंपी जांच रिपोर्ट,  घटनास्थल पर सुबह पहुंचेगी न्यायिक जांच आयोग की टीम। दिल दहलाने वाले हाथरस हादसे की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है जिसमें भगदड़ को लापरवाही और बदइंतजामी का नतीजा बताया गया है। यह बात भी सामने आई है कि स्थानीय अफसरों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा नहीं लिया जबकि अनुमति से अधिक भीड़ आने का इनपुट प्रशासन के पास पहले से था। इसी बीच जानकारी दी गई है कि सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से हादसे की जांच को गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम हाथरस में 6 जुलाई को पहुंचेगी और घटनास्थल का मुआयना करेगी।

हाथरस हादसे पर एसआईटी की जांच रिपोर्ट में हैरतअंगेज खुलासा

हाथरस हादसे की जांच कर रही एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेटिंग टीम) ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है जिसमें हादसे की वजह के बारे में हैरतअंगेज तथ्य सामने आए हैं। एसआईटी की रिपोर्ट में बाबा सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ को लापरवाही और बदइंतजामी का नतीजा बताया गया है। कार्यक्रम की अनुमति लेते समय आयोजन समिति ने अपने स्तर पर पूरे इंतजाम मुकम्मल करने का आश्वासन दिया था और आने वाली भीड़ को सड़क पर नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन की मदद मांगी थी। एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुमति के दौरान एलआईयू की रिपोर्ट में बाबा के सत्संग में सेवादारों द्वारा ही पूरे इंतजाम करने का जिक्र किया गया था। सत्संग में बड़ी संख्या में आने वाले लोगों में नए लोग ज्यादा थे, जो बाबा को देखने के चलते उमड़ पड़े जिससे भीड़ अनियंत्रित हो गई।

एसआईटी की जांच रिपोर्ट में निशाने पर आए आयोजन समित के साथ स्थानीय अफसर भी

दाखिल हुई एसआईटी की रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि स्थानीय अफसरों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा नहीं लिया। अनुमति से अधिक भीड़ आने का इनपुट प्रशासन के पास पहले से था और बाबा का सत्संग शुरू हुआ तो भीड़ लगातार आती रही,  फिर भी मौके पर मौजूद अफसर स्थिति का आकलन करने में फेल हुए। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मौके पर लगाई गई फोर्स में कुछ पुलिसकर्मी ही सत्संग के बाहर लगाए गए थे और ज्यादातर फोर्स सड़क पर भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट में ही लगी थी कि हाइवे जाम न हो। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए आयोजन समिति के लोगों को तथ्य छुपाने का जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन के अफसर स्थिति का आकलन नहीं कर पाने के लिए लापरवाह पाए गए हैं। एसआईटी ने साफ लिखा है कि हादसे में साजिश का पता लगाने के लिए पुलिस की जांच और आयोजनकर्ताओं से गहन पूछताछ की जरूरत है। भगदड़ मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अब तक 90 बयान दर्ज किए हैं और प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी गई है एवं विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

न्यायिक जांच आयोग की टीम के हाथरस का 6 जुलाई का कार्यक्रम जारी, 7 को भी रहेगी

साकार हरि बाबा के सत्संग समाप्ति पर हुए हादसे की जांच के लिए यूपी सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग शनिवार को हाथरस पहुंच रहा है। आयोग घटनास्थल का मुआयना करेगा और अधिकारियों व जनता से मुलाकात करेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम 6 जुलाई को हाथरस आएगी। जांच आयोग की इस टीम में पूर्व आईएएस हेमंत राव, पूर्व आईपीएस भवेश कुमार सिंह मौजूद रहेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से सत्संग के बाद हुई भगदड़ घटना के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम सुबह 11 बजे हाथरस पहुंचेगी। सुबह 11 बजे से 12 बजे तक टीम के डीएम, एसपी व अन्य अधिकारियों से वार्ता करेगी। दोपहर एक बजे घटना स्थल फुलरई मुगलगढ़ी के लिए रवाना होंगे। दोपहर दो बजे से चार बजे तक घटना स्थल का निरीक्षण करेंगे। शाम छह बजे से आठ बजे के मध्य अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, मंडलायुक्त अलीगढ़ , पुलिस महानिरीक्षक अलीगढ़ सहित अन्य अफसरों से मुलाकात व अभिलेखों का अवलोकन करेंगे। 7 जुलाई को सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक जन सामान्य से मुलाकात की जाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से हादसे की जांच को गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम हाथरस में 6 जुलाई को पहुंचेगी और घटनास्थल का मुआयना करेगी।
फाइल फोटो

मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर अभी भी पकड़ से बाहर

हाथरस हादसे के लिए दर्ज एफआईआर में वर्णित मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर को पकड़ने के लिए एजेंसियां कई जगह दबिश दे रही हैं। यूपी के साथ ही राजस्थान और हरियाणा में भी उसकी तलाश चल रही है. इस मामले में दर्ज एफआईआर में मुख्य सेवादार मधुकर का नाम है। बाबा सूरजपाल का नाम दर्ज नहीं किया गया है। मधुकर के अलावा कई अज्ञात आयोजकों को भी आरोपी बनाया गया है। मामले में अब तक छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है और किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी गई है। जांच जारी है और एजेंसियां मुख्य आरोपी की तलाश कर रही हैं।

भगदड़ के बाद बाबा के मैनपुरी भागने की सीसीटीवी फुटेज से हुई पुष्टि

बीते 2 जुलाई को हाथरस के सिकंदरा राऊ के गांव में सत्संग के बाद मची भगदड़ में 123 लोगों की मौत के कांड के बाद अभी तक भोले बाबा उर्फ साकार हरि नारायण का कोई अता-पता नहीं है। बाबा अपने काफिले के साथ फिलहाल गायब है। अपनी मौजूदगी को लेकर बाबा लगातार झूठ बोल रहा है। हादसे को 100 घंटे से ज्यादा का वक्त हो गया लेकिन बाबा का कोई अता-पता नहीं है। इस बीच जांच में जुटी पुलिस को मिले बाबा के काफिले के गुजरने के वक्त पैट्रोल पंप, ढाबे, हाईवे और टोल पर लगे सीसीटीवी फुटेज में सारा सच कैद मिला है। मैनपुरी नेशनल हाइवे के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में हाइवे पर बाबा 12 गाड़ियों के काफिले के साथ फर्राटा भरते हुए नजर आ रहा है। काफिले की तीसरी गाड़ी और दूसरी सफेद गाड़ी जिसमें पर्दा लगा है उसमें भोले बाबा खुद बैठता है। सीसीटीवी फुटेज बता रहा है कि घटना के बाद बाबा एटा-मैनपुरी हाइवे से होता हुआ मैनपुरी आश्रम की तरफ गया है। छोटी स्क्रीन पर बाबा का काफिला टोल दिए बिना फर्राटा भरते हुए मैनपुरी की तरफ रवाना होते देखा गया है।

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