Hazaribagh: हजारीबाग में अवैध माइनिंग को लेकर प्रशासन सख्त है। इसके बावजूद कई इलाके में बदस्तूर अवैध माइनिंग का खेल चल रहा है। पिछले दिनों केरेडारी प्रखंड के कंडाबेर के जंगल में कोयला का अवैध माइंस में तीन लोगों के जमींदोज होने की खबर सुर्खियों में रही है। इस बीच 22स्कोप के कैमरे में भी दो ऐसे माइंस की तस्वीरें कैद हुई हैं, जिसे देखकर हर कोई हैरत में पड़ जाएगा कि किस तरह से अवैध रूप से कोयला निकाला जा रहा है।
Hazaribagh: दोनों माइंस केरेडारी के जंगल में
दोनों माइंस केरेडारी के जंगल में ही है, जहां पिछले दिनों तीन लोगों के लापता होने की खबर सामने आई थी। उस जगह से महज 50 मिटर दूरी पर ही जंगल के बीच दो माइंस देखे गए हैं। हालांकि, माइंस से कोयला का उत्खनन हो रहा है या नहीं इसकी पुष्टि तो नहीं हुई है, लेकिन दोनों मुहाना से पता चलता है कि खनन हुआ करता होगा। वहीं अब तक उन माइंस को डोजरिंग नहीं किया गया है, जिससे खतरा मंडरा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति माइंस में प्रवेश किया तो उसकी मौत हो सकती है।
Hazaribagh: सांसद मनीष जायसवाल ने किया था दावा
वहीं बड़कागांव और केरेडारी ऐसे दो इलाके हैं, जहां कोयला का अवैध खेल चल रहा है। जिला प्रशासन और वन विभाग क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए कई बार भारी मात्रा में कोयला भी बरामद किया गया है। वहीं वन विभाग ने अवैध माइंस को ध्वस्त भी किया है। दोनों माइंस अब तक खुले हुए हैं। वहीं इसको लेकर हजारीबाग (Hazaribagh) के सांसद मनीष जायसवाल ने भी पिछले दिनों दावा किया था कि इस इलाके में कई जगह अवैध माइनिंग हो रही है। इन्होंने दावा करते हुए यह भी कहा था कि कौन कहता है कि अवैध रूप से कोयला का उत्खनन नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन को कंक्रीट और पत्थर से वैसे मुहाने को बंद करने की जरूरत है ताकि जानमाल का नुकसान नहीं हो।
Hazaribagh: अवैध माइंस पर कार्रवाई करने का प्रशासन का दावा
वहीं हजारीबाग की तत्कालीन उपयुक्त नैंसी सहाय ने भी कहा कि प्रशासन हमेशा अवैध रूप से चल रहे माइंस पर कार्रवाई कर रही है। कई ऐसे लोगों पर थाना में केस दर्ज किया गया है। कई माइंस पर डोजरिंग की गई है। पिछले दिनों जिस माइंस में तीन लोगों के प्रवेश करने के बाद लापता होने की बात कही जा रही है, उस माइंस को भी बंद कराया गया था। किसी कारणवश वह फिर से खुल गया।
शशांक शेखर की रिपोर्ट
Highlights


















