सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर के भीतर शराब दुकानों को हटाने को कहा गया था।
Highway Liquor Shop Case : नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर के भीतर स्थित शराब दुकानों को हटाने या स्थानांतरित करने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए आदेश के प्रभाव और संचालन पर फिलहाल स्थगन लगा दिया।
Highway Liquor Shop Case: हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता शामिल हैं, ने शराब विक्रेताओं और राजस्थान सरकार की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। पीठ ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के आदेश का प्रभाव और संचालन स्थगित रहेगा। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट की चिंता वास्तविक है और राज्य सरकार भविष्य में शराब नीति बनाते समय इन पहलुओं पर विचार कर सकती है।
हाईवे से 500 मीटर के भीतर शराब दुकान हटाने के आदेश पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के संचालन पर लगाई स्थगन
राजस्थान सरकार और शराब विक्रेताओं की याचिका पर नोटिस जारी
अदालत ने हाईकोर्ट की चिंता को बताया वास्तविक
मामले में अगली सुनवाई का इंतजार
Highway Liquor Shop Case:राजस्थान सरकार की दलील
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही वर्ष 2016 में हाईवे के किनारे शराब दुकानों पर रोक लगाने से संबंधित दिशा निर्देश जारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि उसी आदेश के आलोक में राज्यों ने समय समय पर अपनी नीतियों में बदलाव किया है।
Highway Liquor Shop Case:शराब विक्रेताओं को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से राजस्थान में हाईवे के आसपास संचालित शराब दुकानों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अब इस मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई के बाद ही तय होगा। तब तक राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश लागू नहीं होगा।
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