Hindi Diwas 2026, पटना: हिंदी दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में हिंदी के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे देश के लोगों को एकता के सूत्र में जोड़ने वाली भाषा बताया। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं। हिंदी देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में प्रमुख है और राष्ट्र को एकजुट रखने में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
हिंदी को बताया राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान और जनमानस की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने राजभाषा हिंदी के चतुर्दिक विकास की कामना की। मुख्यमंत्री के संदेश में हिंदी के अध्ययन, समझ और दैनिक जीवन में इसके प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि देश की विविध भाषाई और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बीच हिंदी लोगों को एकता के सूत्र में बांधने में योगदान देती है।
बिहार में सरकारी कामकाज की भाषा है हिंदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हिंदी राजभाषा के रूप में सरकारी कामकाज की भाषा है। उन्होंने सरकारी और सार्वजनिक कार्यों में हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग की अपील की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने कामकाज में हिंदी को माध्यम के रूप में अपनाएं। साथ ही हिंदी को गर्व और सम्मान के साथ सीखने, समझने और प्रयोग में लाने का संदेश दिया।
हिंदी सीखने और प्रयोग करने की अपील
मुख्यमंत्री ने हिंदी के प्रति सम्मान और इसके व्यापक प्रयोग को लेकर लोगों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंदी को सीखने और समझने के साथ इसे व्यवहार में भी लाया जाना चाहिए। हिंदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री का संदेश भाषा के विकास, उसके सम्मान और सरकारी कामकाज में इसके प्रयोग पर केंद्रित रहा। उन्होंने राजभाषा हिंदी के निरंतर विकास की कामना करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
यह भी पढ़ें: Jharkhand Treasury Scam: ट्रेजरी स्कैम को लेकर भाजपा ने उठाए सवाल, वरिष्ठ अफसरों की भूमिका जांचने की मांग



















