पटना की राम नगरी कॉलोनी में आयोजित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में 200 लोगों ने भाग लिया।
Google पर 22Scope चुनेंPatna Free Eye Checkup Camp, पटना: राम नगरी कॉलोनी सेक्टर-2 में रविवार को आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर में करीब 200 लोगों ने हिस्सा लिया। यह शिविर राम नगरी सेक्टर-2 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक, सारण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चले शिविर में राम नगरी कॉलोनी के साथ पटना के अन्य इलाकों से पहुंचे लोगों को बिना किसी शुल्क के बुनियादी नेत्र जांच और दृष्टि परीक्षण की सुविधा दी गई। इस पहल के तहत लोगों को घर के नजदीक ही आंखों की जांच कराने का अवसर मिला।
कई तरह की जांच की गई
शिविर में लोगों की आंखों से जुड़ी सामान्य समस्याओं की स्क्रीनिंग के साथ कई तरह की प्राथमिक जांच की गई। इसमें टॉर्च जांच, दृष्टि तीक्ष्णता परीक्षण यानी Visual Acuity Test, ऑटो-रिफ्रैक्टोमीटर जांच और स्लिट लैंप जांच शामिल रही। इसके अलावा स्थल पर हाई-टेक विजन वैन यानी मोबाइल आई क्लिनिक भी उपलब्ध रही। जिन लोगों में आगे विस्तृत जांच की आवश्यकता पाई गई, उन्हें उन्नत नेत्र परीक्षण के लिए अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल रेफर किया गया। इस तरह शिविर में प्राथमिक स्तर पर आंखों की स्थिति की जांच के साथ जरूरतमंद लोगों की आगे की चिकित्सा जांच की पहचान भी की गई।
2030 तक 1.20 करोड़ नेत्र परीक्षण का लक्ष्य
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विवेक विकास ने बताया कि बिहार में क्योरेबल यानी ठीक होने योग्य अंधापन दूर करना अस्पताल के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक 1.20 करोड़ नेत्र परीक्षण और 20 लाख नेत्र सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पटना के नागरिकों के लिए किदवईपुरी में पटना विजन लाउंज के माध्यम से प्रीमियम ओपीडी सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सर्जरी की जरूरत वाले मरीजों के लिए पटना स्थित आवास से मस्तीचक स्थित मुख्य अस्पताल तक आने-जाने की नि:शुल्क वाहन सुविधा और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।

RWA ने चार महीने में कई पहल का किया दावा
RWA के सचिव अंजनी शर्मा ने कहा कि नेत्र जांच शिविर कॉलोनी के निवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। उनके अनुसार, मई 2026 में RWA की वर्किंग कमेटी के गठन के बाद पिछले चार महीनों में कई काम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों लेन के प्रत्येक घर पर मकान संख्या प्लेट लगाने, कॉलोनी का साइनबोर्ड लगाने, क्षतिग्रस्त मैनहोल ढक्कनों की मरम्मत कराने और पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन से वंचित घरों में नए कनेक्शन दिलाने में मदद की गई है। इसके अलावा नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने, नियमित सड़क सफाई और मच्छररोधी फॉगिंग की व्यवस्था भी की गई है।

आयोजकों ने लोगों की भागीदारी को बताया उत्साहजनक
शिविर के मेज़बान और वरिष्ठ अधिवक्ता एम. पी. दीक्षित ने लोगों की भागीदारी को उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि शिविर में लोगों की मौजूदगी RWA के प्रति निवासियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कम समय में RWA की ओर से किए गए प्रयासों से पड़ोस में सामूहिक पहल के जरिए बदलाव लाने की कोशिश हुई है। उनके मुताबिक, इन पहलों में निवासियों की भागीदारी महत्वपूर्ण रही है। शिविर में अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की टीम से डॉ. अहमद अली, पायल फिरदौस, पूजा सिंह, शिवानी सिंह, प्रिया पांडे, पिंटू कुमार, निखिल, राधा और चंदन मौजूद रहे। वहीं RWA की ओर से जगदीश उपाध्याय, हरेराम पांडेय, अरुण सिंह, शैलेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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नेत्र जांच शिविर में कौन-कौन सी जांचें की गईं?
शिविर में टॉर्च जांच, दृष्टि तीक्ष्णता परीक्षण (Visual Acuity Test), ऑटो-रिफ्रैक्टोमीटर जांच और स्लिट लैंप जांच शामिल रहीं। साथ ही हाई-टेक विजन वैन (मोबाइल आई क्लिनिक) भी उपलब्ध थी।
यह शिविर किन संस्थाओं के द्वारा आयोजित किया गया?
यह शिविर राम नगरी सेक्टर-2 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक, सारण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल का 2030 तक क्या लक्ष्य है?
वर्ष 2030 तक 1.20 करोड़ नेत्र परीक्षण और 20 लाख नेत्र सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।
RWA ने मई 2026 के बाद पिछले चार महीनों में क्या काम किए?
प्रत्येक घर पर मकान संख्या प्लेट लगाने, कॉलोनी का साइनबोर्ड लगाने, क्षतिग्रस्त मैनहोल ढक्कनों की मरम्मत, पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन दिलाने, नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने, नियमित सड़क सफाई और मच्छररोधी फॉगिंग की व्यवस्था की गई है।
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