Ranchi : आदर्श सरना समिति होचर पतराटोली तारुप पूरियो रातू के द्वारा आज ऐतिहासिक करम इंद जतरा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में झारखंड प्रदेश के विभिन्न गावो से 187 खोड़हा टीमों ने भाग लिया, जिनको अतिथियों के द्वारा पारितोषिक और सरना झंडा देकर सम्मानित किया गया। महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि सरना रत्न दादा वीरेंद्र भगत जी के पिताजी बीसंबर भगत जी उपस्थित हुए।
कार्यक्रम में बतौर अतिविशिष्ट अतिथि आजसू के हटिया विधानसभा प्रभारी भारत काशी जी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश जी एवं झारखंड आंदोलनकारी डा देवशरण भगत जी उपस्थित हुए। बतौर विशिष्ट अतिथि धर्म गुरु सुरेंद्र लिंडा, धर्मगुरु नीरज मुंडा, धर्मगुरु रंथु उरांव, धर्मगुरु राजेश लिंडा, रांची जिला के सभी सम्मानित जिला परिषद सदस्यो के साथ-साथ रातू प्रखंड प्रमुख ओरमांझी प्रमुख, कांके प्रमुख सह विभिन्न पंचायत के मुखिया ,पंचायत समिति एवं वार्ड सदस्य उपस्थित हुए।
Ranchi : कुरीतियों से दूर रहकर आपस में एकजुट रहने की जरूरत है-देवशरण भगत
महोत्सव को संबोधित करते हुए बीसंबर भगत ने कहा कि आदिवासी समाज को कुरीतियों से दूर रहकर आपस में एकजुट रहने की जरूरत है। समाज को नशा मुक्त करना और बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था कैसे दिया जाए इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है। समाज के लोगों के उत्थान के लिए वीरेंद्र भगत ने अपने जीवन का एक एक पल लगा दिया। वे चाहते थे कि समाज के लोगों में व्यापक परिवर्तन आए, लोग आत्मनिर्भर बने, बच्चे शिक्षित हो और लोगों का भविष्य उज्जवल हो। सभी समाज को एक साथ जोड़कर एक समतामूलक शोषण विभिन समाज का निर्माण करना उनका मुख्य उद्देश्य था। हम सभी लोगों को उनके सोच पर काम करने की आवश्यकता है। वीरेंद्र भगत हर जाति समाज के लोगों के चहेता थे हमें भी इस बात को स्मरण में रखना है।उन्होंने निर्मला भगत जी के द्वारा किए जा रहे हैं अच्छे कामों की सहारना की।
स्वर्गीय वीरेंद्र भगत दिन-रात समाज के लिए जीते थे- निर्मला भगत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदर्श सरना समिति की अध्यक्ष शहर रांची जिला परिषद के अध्यक्ष श्रीमती निर्मला भगत ने अपने अध्यक्ष भाषण में कहा कि स्वर्गीय वीरेंद्र भगत दिन-रात समाज के लिए जीते थे। उन्होंने अपने जीवन शरीर का कतरा-कतरा समाज के लिए निछावर कर दिया। आज उनकी कमी हम सबों के बीच में महसूस होती है। मैं प्रयास करती हूं कि मैं भी उनकी तरह अपना समय समाज और जनमानस की सेवा में लगा दूं। चुनौती बड़ी है और हम सभी लोगों को एकजुटता के साथ उनके सपनों को पूरा करना है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से राजेंद्र भगत,कार्तिक उरांव, राजीव मिश्रा, देवेंद्र पाहन, बबलू उरांव, बसंत भगत,चंद्रदीप उरांव, अरविंद केरकेट्टा, कीनू उरांव, सोमरा उरांव, जगरनाथ उरांव, संदीप टोप्पो,बसंत पाहन, सलगी उरांव, संदीप उरांव, बिरसा उरांव, गंगू पाहन, सुकरा उरांव, कैलाश मुंडा, महादेव पाहन,शैलेंद्र मुंडा, अजय उरांव, सुनील पाहन, आमोद भगत, रमन खलखो आदि सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने योगदान दिया।


















