रांची: न्यूज़ 22 स्कोप के एडिटर इन चीफ गंगेश गुंजन के साथ हाल ही में हुए एक विस्तृत साक्षात्कार में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भविष्य, पार्टी की रणनीतियों और देश की राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर विचार साझा किए।
साक्षात्कार के दौरान हेमंत विश्व शर्मा ने बीजेपी को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया और इस मामले में विस्तार से चर्चा की। हिमंत बिस्वा सरमा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “जब तक दो-चार प्रमुख नेताओं को बीजेपी में शामिल नहीं करा दूं, मुझे रात में नींद नहीं आती। मैं चाहता हूं कि पूरी की पूरी पार्टी बीजेपी में आ जाए, लेकिन यदि वे आधे ही आते हैं तो मैं क्या करूं?” सरमा ने कहा, “मेरा उद्देश्य पार्टी को सशक्त बनाना है। यदि कांग्रेस के नेता या अन्य दलों के नेता बीजेपी में शामिल होते हैं, तो यह हमारे लिए स्वागत योग्य है। लेकिन, यह प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर स्वीकृत होनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अब आदिवासी नेताओं की भागीदारी से समृद्ध हो रही है और यह पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। सरमा ने स्वीकार किया कि राजनीति में हर नेता के जुड़ने से पार्टी को कुछ न कुछ शक्ति मिलती है और हर हार से सीखने का अवसर मिलता है।
सरमा ने 2014 और वर्तमान की राजनीतिक परिस्थितियों की तुलना करते हुए कहा, “2014 में पूर्ण बहुमत की सरकार थी, लेकिन आज एनडीए की सरकार है। हमें लोगों की उम्मीदों और जरूरतों के अनुसार काम करना होता है। 2026 में स्थिति बदल सकती है, लेकिन बीजेपी अपने सिद्धांतों के अनुसार ही कार्य करेगी।”
सरमा ने हिंदुत्व और भारतीयता के बीच बारीक अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा, “हम भारतीयता के पक्ष में हैं और इसे राष्ट्रीयता के संदर्भ में देखते हैं। घुसपैठियों का मुद्दा देश की अस्मिता और सुरक्षा से जुड़ा है और इसे उजागर करना जरूरी है।”
साक्षात्कार के अंत में, सरमा ने अपने दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा कि बीजेपी का लक्ष्य न केवल राजनीतिक शक्ति बढ़ाना है, बल्कि देश की सुरक्षा, अस्मिता और सांस्कृतिक धरोहर को भी सशक्त बनाना है।


















