Saturday, August 30, 2025

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पलामू में भोजपुरी, हजारीबाग में मगही लेकिन झारखंड में कहां बोली जाती है मैथिली- राजेश ठाकुर

Ranchi-झारखंड में जारी भाषा विवाद पर पत्रकारों के सवालों से झल्लाये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने एक प्रश्न उछाल दिया है कि पलामू में भोजपुरी, हजारीबाग में मगही और संथाल में अंगिका बोली जाती है, लेकिन मैथिली कहां बोली जाती है?

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों ने भोजपुरी, मगही और अंगिका के विरोध में धनबाद-बोकारो में निकाली गयी मानव श्रंखला पर राजेश ठाकुर से प्रश्नों की छड़ी लगा दी. लेकिन पत्रकारों के सवालों का सामना करने के वजाय राजेश ठाकुर ने अपना आपा खो दिया, एकबारगी  तो लगा कि राजेश ठाकुर प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ कर चले जाएंगे, लेकिन एक बार फिर से अपने आप को संभाला और किसी तरह एक बार फिर से पत्रकारों के सवालों को लेना शुरु कर दिया.
दरअसल पत्रकारों की कोशिश भाषा विवाद पर कांग्रेस को घेरने और खास कर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो द्वारा खुलम खुला बोकारो-धनबाद से भोजपुरी, मगही और अंगिका को स्थानीय भाषा की श्रेणी से बाहर करने की घोषणा करने पर कांग्रेस का पक्ष जानने की थी.

लेकिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और मंत्री आलमगीर की कोशिश इस प्रश्न से बच निकलने की थी. इसलिए पत्रकारों द्वारा भाषा विवाद और भोजपुरी, मगही और अंगिका को स्थानीय भाषा श्रेणी से हटाने की शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की घोषणा पर कांग्रेस का पक्ष पूछने पर अपनी झल्लाहट को रोक नहीं पाए.

झल्लाहट इतनी बढ़ गयी कि भावावेश में राजेश ठाकुर ने भाजपा को अपने घेरे में ले लिया और पत्रकारों से पुछ डाला कि भाजपा बताए कि यदि पलामू में भोजपुरी, हजारीबाग में मगही और संताल में अंगिका बोली जाती है तो मैथिली कहां बोली जाती है?

इसके बाद मामले को सहज करने की कोशिश करते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि सभी समूहों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा. लेकिन राजेश ठाकुर की झल्लाहट और तल्खी से एक बात तो साफ है कि शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो द्वारा लगातार भोजपुरी, मगही और अंगिका को धनबाद और बोकारो से बाहर करने की घोषणा से कांग्रेस अपने आप को असहज महूसस कर रही है.

पंचायत चुनाव की घोषणा जल्द,सभी तैयारियां पूरी

पंचायती राज मंत्री आलमगीरी ने कहा है कि सरकार की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है, अब यह चुनाव आयोग का तय करना है कि झारखंड में चुनाव कब हो, कब इसकी अधिसूचना निकाली जाय.

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