मोटे अनाज को भोजन में शामिल करें- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार (25 जनवरी) को राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन की शुरूआत देशवासियों को गणतंत्र दिवस (Republic Day) की बधाई देने के साथ की. राष्ट्रपति ने कहा कि 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, देश और विदेश में रहने वाले आप सभी भारत के लोगों को, मैं हार्दिक बधाई देती हूं. जब हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं, तब एक राष्ट्र के रूप में हमने मिल-जुल कर जो उपलब्धियां प्राप्त की हैं, उनका हम उत्सव मनाते हैं.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हर नागरिक को गौरव गाथा पर गर्व है. हम सब एक ही हैं, और हम सभी भारतीय हैं. इतने सारे पंथों और इतनी सारी भाषाओं ने हमें विभाजित नहीं किया है बल्कि हमें जोड़ा है. इसलिए हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में सफल हुए हैं. यही भारत का सार-तत्व है.

मोटे अनाज को भोजन में शामिल करें- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत के सुझाव को स्वीकार किया है और वर्ष 2023 को The International Year of Millets घोषित किया है. यदि अधिक से अधिक लोग मोटे अनाज को भोजन में शामिल करेंगे, तो पर्यावरण-संरक्षण में सहायता होगी और लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा. उन्होंने कहा कि मैं किसानों, मजदूरों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की भूमिकाओं की सराहना करती हूं जिनकी सामूहिक शक्ति हमारे देश को “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान” की भावना के अनुरूप आगे बढ़ने में सक्षम बनाती है.

droupadi1 22Scope News

संविधान-निर्माताओं का किया धन्यवाद

उन्होंने कहा कि भारत एक गरीब और निरक्षर राष्ट्र की स्थिति से आगे बढ़ते हुए विश्व-मंच पर एक आत्मविश्वास से भरे राष्ट्र का स्थान ले चुका है. संविधान-निर्माताओं की सामूहिक बुद्धिमत्ता से मिले मार्गदर्शन के बिना यह प्रगति संभव नहीं थी. भारत हमेशा डॉ बीआर अंबेडकर का आभारी रहेगा, जिन्होंने संविधान की मसौदा समिति का नेतृत्व किया और इस प्रकार इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

राष्ट्रपति ने कहा कि हमें विधिवेत्ता बीएन राऊ की भूमिका को भी याद रखना चाहिए, जिन्होंने प्रारंभिक मसौदा तैयार किया था और अन्य विशेषज्ञ और अधिकारी जिन्होंने संविधान बनाने में मदद की. हमें इस बात पर गर्व है कि उस एसेंबली के सदस्यों ने भारत के सभी क्षेत्रों और समुदायों का प्रतिनिधित्व किया और उनमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तारीफ की

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षार्थियों को इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए हमारी सभ्यता पर आधारित ज्ञान को समकालीन जीवन के लिए प्रासंगिक बनाती है. हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों पर गर्व का अनुभव कर सकते हैं. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, भारत गिने-चुने अग्रणी देशों में से एक रहा है. भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए गगनयान कार्यक्रम प्रगति पर है. यह भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान होगी.

“महिला सशक्तीकरण अब केवल नारे नहीं”

राष्ट्रपति ने कहा कि महिला सशक्तीकरण तथा महिला और पुरुष के बीच समानता अब केवल नारे नहीं रह गए हैं. मेरे मन में कोई संदेह नहीं है कि महिलाएं ही आने वाले कल के भारत को स्वरूप देने के लिए अधिकतम योगदान देंगी. सशक्तीकरण की यही दृष्टि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों सहित, कमजोर वर्गों के लोगों के लिए सरकार की कार्य-प्रणाली का मार्गदर्शन करती है. वास्तव में हमारा उद्देश्य न केवल उन लोगों के जीवन की बाधाओं को दूर करना और उनके विकास में मदद करना है, बल्कि उन समुदायों से सीखना भी है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: पर्यावरण की रक्षा का किया आह्वान

द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लोग, पर्यावरण की रक्षा से लेकर समाज को और अधिक एकजुट बनाने तक, कई क्षेत्रों में सीख दे सकते हैं. इस वर्ष भारत G-20 देशों के समूह की अध्यक्षता कर रहा है. विश्व-बंधुत्व के अपने आदर्श के अनुरूप, हम सभी की शांति और समृद्धि के पक्षधर हैं. G-20 की अध्यक्षता एक बेहतर विश्व के निर्माण में योगदान हेतु भारत को अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करती है.

उन्होंने कहा कि मेरे विचार से, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना शीघ्रता से करना है. वैश्विक तापमान बढ़ रहा है और मौसम में बदलाव के चरम रूप दिखाई पड़ रहे हैं. हमें अपनी मूलभूत प्राथमिकताओं पर भी पुनर्विचार करना होगा. परंपरागत जीवन-मूल्यों के वैज्ञानिक आयामों को समझना होगा. अगर हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे इस धरती पर सुखमय जीवन बिताएं तो हमें अपनी जीवन शैली को बदलने की जरूरत है.

Patna Riverfront Project: JP Ganga Path Integrated Park बनेगा बिहार पर्यटन...

पटना में जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना के तहत 26 किमी लंबा ग्रीन रिवरफ्रंट कॉरिडोर विकसित होगा। गंगा, पाटलिपुत्र की विरासत और आधुनिक...

Bihar Employment News: युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर...

Bihar Employment News: बिहार सरकार युवाओं को रोज़गार और स्वरोज़गार के मौकों से जोड़ने के लिए कई योजनाओं पर तेज़ी से काम कर रही...

Bihar KCC Campaign 2026: 60 लाख किसानों को मिलेगा ₹1.20 लाख...

बिहार में 23 जून से कृषि महाअभियान शुरू होगा। 60 लाख किसानों को ₹1.20 लाख करोड़ कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया...