पूर्णियॉं मेडिकल कॉलेज के नामांकन में फर्जीवाड़ा,जांच में आठ छात्रों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिले फर्जी
22 Scope News Desk :पूर्णियॉं मेडिकल कॉलेज के नामांकन में बड़े फर्जीवाड़े की खबर है। जहां छात्रों ने फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नामांकन ले लिया। मामले को लेकर आर्थिक अपराध ईकाई ने जांच शुरू कर दी है। इस धोखाधड़ी में एक छात्र कुणाल कुमार की गिरफ्तारी भी हुई है।
पटना के IGIMS में आरोपितो का हुआ परीक्षण, सबकी श्रवण क्षमता सामान्य पाई गई
पूर्णियॉं स्थित GMCH में MBBS नामांकन में फर्जीवाड़े की खबर है। जाँच में आठ छात्रों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये है। मामले की जानकारी होने पर कॉलेज प्रशासन द्वारा पटना के IGIMS में बेरा जांच कराई गयी। गौरतलब हो कि बेरा जांच बधिर या सुनने में परेशानी के स्तर की जांच की जाती है। इस जांच में उनकी श्रवण क्षमता सामान्य पायी गई जबकि प्रमाण पत्र में 44 % विकलांगता दर्शाई गई है। इस मामले में कुल आठ छात्रों के विरूद्ध पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले के संबंध में IGIMS के चिकित्सा अधीक्षक मनीष मंडल ने जानकारी देते हुये बताया कि ईएनटी विभाग के बाद पीएमआर और न्यूरो के विशेष चिकित्सकों की टीम ने जांच में उनकी श्रवण क्षमता सामान्य पायी है।
GMCH पूर्णियां में 2023 से MBBS में नामांकन शुरू
गौरतलब हो कि 2023 में पूर्णियॉं GMCH में 200 सीटों पर MBBS में नामांकन शुरू की गई थी लेकिन फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर हुये नामांकन की जांच दो वर्षों में नही की गई। विगत तीन वर्षों ने तीन प्राचार्यों ने इन मामलों की ना ही जांच कराई ना ही इस संबंध में कोई विभागीय पत्राचार किया।
मामले की जांच EOU के जिम्मे
नामांकन में आठ फर्जी मामले पाये जाने पर प्रशासन ने इसकी जांच तेज कर दी है और आर्थिक अपराध ईकाई को जांच का जिम्मा सौपा है। गौरतलब हो इस तरह के मामलों की जांच के लिये EOU को नोडल एजेंसी मानी जाती है। जिसमें भ्रष्टाचार के अलावा पैसे के अवैध लेनदेन का भी खेल होता है।
मामले में आरोपी कार्तिक यादव सीतामढ़ी का रहने वाला है। इसके अलावा मो. शाहबुद्दीन, फरहत शमीम, अजीत कुमार, मोहसिन फहीम, मो. अतील अजहर, मो. रसीद अहमद एवं मुद्दसिर गयाजी शामिल है।
कुणाल है मामले का मास्टर माइंड
फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन लेने वाले जिस कार्तिक यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया उसके साथी कुणाल कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कुणाल गया मेडिकल कालेज का छात्र है तथा कर्तिक के साथ उसका पूर्णिया मेडिकल कालेज में नामांकन कराने वही आया था। कुणाल ने ही कार्तिक को दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल कालेज में नामांकन का खेल समझाकर इसमें फंसाया था। कुणाल के पास से जांच में कई बैंकों के क्रेडिट कार्ड मिले थे।
फर्जी यूडीआइडी महाराष्ट्र से निर्गत हुआ है
पूर्णियॉं मेडिकल कालेज में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के मामले में जो छात्र कार्तिक यादव गिरफ्तार किया गया है उसका यूडीआइडी कार्ड नंबर एमएच 4890420040025840 महाराष्ट्र से निर्गत हुआ है। यह भी उसके सहयोगी छात्र कुणाल ने ही बनवाया था।
कार्तिक का यूडीआइडी नंबर है जो 21 अगस्त 2025 को बना है। इसमें कान का विकलांगता का प्रतिशत 44 बताया गया है। इस यूडीआइडी के आधार पर गोवा मेडिकल कालेज गोवा से 30 सितंबर 2025 को दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत किया गया गया।
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