ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर कमीशन घोटाले में ED ने एक दर्जन इंजीनियरों को नोटिस भेजा। 2.13 करोड़ कैश जब्त, 44 करोड़ से अधिक संपत्ति अटैच।
Tender Commission Scam: रांची: रांची में ग्रामीण विकास विभाग में कथित टेंडर कमीशन घोटाले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच की रफ्तार तेज करते हुए विभाग के करीब एक दर्जन इंजीनियरों को नोटिस जारी किया है। इनमें कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता शामिल हैं। सभी को अलग-अलग तिथियों में ईडी कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
जांच एजेंसी विभाग के अंदर कथित रूप से बने भ्रष्टाचार के सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी है। अधिकारियों के उपस्थित होने के बाद उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
Tender Commission Scam:इंजीनियरों से होगी पूछताछ, वसूली के नेटवर्क की तलाश
ईडी को प्रारंभिक जांच के दौरान संकेत मिले हैं कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान ठेकेदारों से कथित तौर पर कमीशन वसूला जाता था और यह रकम विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी। अब एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और किसे कितनी राशि दी जाती थी।
सूत्रों के अनुसार, ईडी इस मामले में साक्ष्य एकत्र कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है। इंजीनियरों से पूछताछ के जरिए पूरे तंत्र की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
Key Highlights
ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर कमीशन घोटाले में ईडी की जांच तेज।
करीब एक दर्जन इंजीनियरों को पूछताछ के लिए नोटिस।
2.13 करोड़ रुपये का बेहिसाब नकद जब्त।
44 करोड़ से अधिक की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच।
वसूली नेटवर्क और उच्च अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी।
Tender Commission Scam:2.13 करोड़ कैश जब्त, 44 करोड़ से अधिक संपत्ति अटैच
ईडी पहले ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। पूर्व में बीरेंद्र कुमार राम के एक सहायक अतिकुल रहमान उर्फ अतिकुल रहमान अंसारी के ठिकाने पर छापेमारी में 4.40 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे।
इसके अलावा ठेकेदार राजीव कुमार सिंह के घर से 2.13 करोड़ रुपये का बेहिसाब नकद बरामद हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि वह कथित तौर पर अधिकारियों के लिए बिचौलिये की भूमिका निभाता था। राजीव कुमार सिंह ने लगभग 15 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में इकट्ठा करने और रखने की बात स्वीकार की थी।
प्रवर्तन निदेशालय अब तक इस मामले में 44 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर चुका है। एजेंसी का फोकस अब इस बात पर है कि वसूली की रकम किस स्तर तक पहुंचती थी और किन-किन अधिकारियों की भूमिका इसमें रही।
Tender Commission Scam:आगे की कार्रवाई की तैयारी
ईडी की कोशिश है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों को संकलित कर मामले में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय अधिकारियों को भेजे गए नोटिस को जांच की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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