धनबाद : ये सत्ता की हनक है या मंत्री महेादय के आने से पूर्व ही उनकी नजरेां में आने की लालसा या फिर
जैसा कांग्रेसी बता रहे कि ये उनकी यादों और भावनाओं से जुड़ा मामला.
वजह चाहे जो भी हो कोर्ट के आदेश पर 11 वर्षों से बंद पड़े कांग्रेस कार्यालय का कांग्रेसियों
द्वारा ताला तोड़ने का प्रयास कई सवाल खड़े करता है.
धनबाद जिला कांग्रेस कार्यालय में कोर्ट के आदेश पर लगभग एक दशक से अधिक समय से ताला लटका हुआ है।
लेकिन सोमवार को प्रभारी मंत्री बन्ना गुप्ता के आगमन से पूर्व कांग्रेसियों के सब्र का बांध टूट गया और मनोज सिंह
के नेतृत्व में वहां प्रशासन द्वारा जड़े गए ताले को लात घूसों और ईंटेा से तोड़ने की असफल कोशिश की गई.
धनबाद जिला कांग्रेस कार्यालय पर इतने लम्बे समय से लटके रहे ताले के विरोध में और धनबाद जिला कांग्रेस कार्यालय
को खुलवाने के लिए, बंद कार्यालय के गेट पर 70 वर्ष से अधिक आयु वाले कांग्रेसी प्रकाश शर्मा, रविदर सिंह
तथा सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पांडेय धरना दे रहे थें.
न्यूज़ 22 स्कोप से बात करते हुए कांग्रेस नेता मनोज सिंह एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय इंदिरा गांधी
एवं स्वर्गीय राजीव गांधी का आगमन इस कार्यालय परिसर में हुआ था. उनकी यादें इससे जुड़ी हुई है.
झारखंड राज्य के निर्माण के लिए किए गए संघर्षों की अनेक गतिविधियां जिला कांग्रेस कार्यालय में संपन्न हुई थीं.
अभी कार्यालय भवन की दीवारों पर दरारें और जमीन पर जंगल उग आए हैं. हमारे जैसे कई बुजुर्ग कांग्रेसी आशंकित भी हैं।
दशकों पूर्व ऐसे ही हालात में हमने एक जिला कांग्रेस कार्यालय खो दिया है.
इसलिए आज जबरन कांग्रेसियों ने ताला तोड़ने का प्रयास किया है इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े
तो कोई फर्क नहीं पड़ता वह जेल जाने के लिए भी तैयार हैं.
रिपोर्ट : राजकुमार

















