झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 की फीस में 25% तक बढ़ोतरी कर दी है. नई शुल्क संरचना से करीब 7.5 लाख विद्यार्थियों पर असर पड़ेगा.
JAC Exam Fee Hike 2026 रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, परीक्षा फीस में लगभग 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी लागू की गई है। नई शुल्क संरचना के बाद मैट्रिक परीक्षा में अधिकतम 340 रुपये और इंटर परीक्षा में 290 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
JAC Exam Fee Hike 2026
जैक के इस निर्णय का सीधा असर राज्य के करीब 7.50 लाख परीक्षार्थियों पर पड़ेगा। इनमें हर साल लगभग 4.25 लाख छात्र मैट्रिक परीक्षा में और लगभग 3.25 लाख परीक्षार्थी इंटर परीक्षा में शामिल होते हैं। शुल्क में बढ़ोतरी सभी कोटि के परीक्षार्थियों के लिए लागू है।
Key Highlights
JAC ने 2026 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा फीस में 25% तक बढ़ोतरी की.
मैट्रिक में अधिकतम 340 रुपये और इंटर में 290 रुपये की वृद्धि.
स्वतंत्र परीक्षार्थियों की फीस में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी.
लड़कियों के लिए सभी वर्गों में एक समान परीक्षा शुल्क.
7.5 लाख से अधिक परीक्षार्थियों पर बढ़े हुए बजट का असर.
सबसे अधिक बढ़ोतरी स्वतंत्र परीक्षार्थियों की फीस में की गई है, जिन्हें अब पहले की तुलना में काफी अधिक भुगतान करना होगा। वहीं लड़कियों के लिए सभी वर्गों में परीक्षा शुल्क समान रखा गया है। लड़कों में सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक जैसी फीस निर्धारित की गई है। पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए भी एक समान शुल्क तय किया गया है।
JAC Exam Fee Hike 2026
हाल के वर्षों में जैक द्वारा परीक्षा शुल्क में इतनी बड़ी वृद्धि नहीं की गई थी। परिषद ने वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट में भी बढ़ोतरी की है, जिसके चलते परीक्षा आयोजन की लागत बढ़ी है। इसी बढ़े हुए बजट का बोझ अब परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी के रूप में छात्रों पर पड़ रहा है।
JAC Exam Fee Hike 2026
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि फीस बढ़ोतरी से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के छात्रों पर अतिरिक्त दबाव बनेगा। कई अभिभावकों ने भी बढ़ी हुई फीस पर असंतोष जताया है और इसे विद्यार्थियों के हितों के विपरीत बताया है। परीक्षा शुल्क बढ़ोतरी के बाद अब स्कूलों और अभिभावकों के बीच नई शुल्क संरचना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। परीक्षार्थियों को नई दरों के अनुसार ही परीक्षा फॉर्म भरना होगा।
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