झारखंड विधायक जय राम महतो ने किया बड़ा खुलासा– ₹5 करोड़ में दी गई थी उन्हें मारने की सुपारी। राज्यपाल से मिले, सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
Jairam Mahto Meeting with Governor after “Supari” Claim रांची: झारखंड की राजनीति में इन दिनों युवा विधायक जय राम महतो सुर्खियों में हैं। वजह है उनका हालिया बड़ा खुलासा—उन्होंने एक जनसभा के दौरान कहा कि उन्हें मारने के लिए ₹5 करोड़ की “सुपारी” दी गई थी।
जय राम महतो के इस दावे ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। इस खुलासे के बाद वे सीधे राजभवन पहुंचे और राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में महतो ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वे फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कह सकते, लेकिन “बीते कुछ दिनों से हालात सामान्य नहीं हैं, इसलिए महामहिम से चर्चा जरूरी थी।”
Key Highlights:
जय राम महतो ने जनसभा में दावा किया– ₹5 करोड़ में दी गई थी उन्हें मारने की सुपारी
खुलासे के बाद राजभवन जाकर राज्यपाल से की मुलाकात
बोले– “सुरक्षा कारणों से फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कह सकता”
राज्यपाल से बंद कमरे में हुई चर्चा, सुरक्षा पर मांगी गई रिपोर्ट
झारखंड पुलिस से शिकायत दर्ज कराने की मांग तेज
अगले 7 दिनों के लिए अज्ञातवास पर जा सकते हैं जय राम महतो
Jairam Mahto Meeting with Governor after “Supari” Claim
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें यह जानकारी उसी व्यक्ति ने दी जिसने सुपारी लेने से मना कर दिया था। जय राम महतो ने कहा, “जिसे सुपारी दी गई थी, वह मुझे जानता था। उसने यह काम करने से इंकार किया और मुझे पूरी बात बता दी।”
सियासी हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग हैं? कोयलांचल क्षेत्र के कई माफिया गिरोहों पर उंगली उठ रही है, जिनके खिलाफ जय राम महतो लगातार आवाज उठा रहे हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं में से किसी ने यह सुपारी दी थी।
Jairam Mahto Meeting with Governor after “Supari” Claim
सूत्रों के मुताबिक जय राम महतो ने राज्यपाल से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। इससे पहले भी उन्होंने गृह मंत्रालय से Z श्रेणी की सुरक्षा मांगी थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिल पाई थी।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद जय राम महतो ने बताया कि वे अब कुछ दिनों के लिए “अज्ञातवास” पर जा रहे हैं और डॉक्टरों की सलाह पर आराम करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अगले सात दिन तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहूंगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह खुलासा आने वाले समय में झारखंड की राजनीति को हिला सकता है, खासकर तब जब घाटशिला उपचुनाव जैसे अहम मौके पर उनकी पार्टी सक्रिय भूमिका में है।
वहीं विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस मामले की पुलिस जांच की मांग की है। सवाल यह भी है कि अगर किसी विधायक को इस तरह की धमकी मिल सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा?


















