Jamtara : जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने 5 शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथों धर दबोचा है। लेकिन जिला में साइबर अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जेल से छूटकर आए शातिर साइबर अपराधी दोबारा संगठित होकर साइबर अपराध की घटना को अंजाम दे रहे हैं।
एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान की अगुवाई में टीम गठित कर जामताड़ा थाना क्षेत्र के सहाना, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियाटांड़ तथा नारायणपुर थाना क्षेत्र के तेतुलटांड़ में छापेमारी की गई। जहां से पांच साइबर अपराधियों को साइबर अपराध की घटना को अंजाम देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। पूरे मामले का खुलासा साइबर डीएसपी अशोक कुमार राम ने साइबर थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया।
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16 मोबाइल फोन सहित कई सामान बरामद
साइबर डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में मिहिजाम निवासी विकास मंडल को साहना से गिरफ्तार किया गया है। वहीं नरेश मंडल तथा सुनील मंडल को करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सियाटांड़ गांव से जबकि राजीव नाग और मनोज डे को जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद गांव से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अपराधियों के पास से 16 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक पासबुक, एक चेक बुक, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया गया है।
गिरफ्तार अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है
बता दें कि गिरफ्तार 5 अपराधियों में से तीन का पुराना अपराधी इतिहास है। अभियुक्त नरेश मंडल वर्ष 2021 में कांड संख्या 69 में जेल जा चुका है और आरोप पत्रित है। वही राजीव नाग वर्ष 2018 में साइबर अपराध के मामले में जेल जा चुका है। मनोज दे वर्ष 2017 में साइबर अपराध के मामले में जेल जा चुका है जो आरोप पत्रित है।
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जेल से छूटने के बाद सभी संगठित होकर साइबर अपराध की घटना को अंजाम दे रहा है। यह सभी साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते थे। मंगलवार को सभी का मेडिकल जांच करवा कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जामताड़ा मंडल कारा भेज दिया गया है।







