जमुई छेड़छाड़ मामले की नाबालिग पीड़िता की फोटो सार्वजनिक करने के आरोप में पटना के सचिवालय थाने में FIR दर्ज हुई है। CM सचिवालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद आरोपी हैं।
Jamui Case : जमुई में छेड़छाड़ और मारपीट की घटना की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किये जाने के मामले में पटना के सचिवालय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। शिकायत के अनुसार यह तस्वीर मुख्यमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से साझा की गयी थी। तस्वीर उस समय की बतायी गयी है, जब पीड़िता अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी।
पुलिस ने इस मामले में मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जांच में यह सामने आया कि तस्वीर सागर प्रसाद की ओर से एक्स पर अपलोड की गयी थी।
Jamui Case:नाबालिग की पहचान उजागर करने का आरोप
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि तस्वीर सार्वजनिक होने से जमुई मामले की नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हुई। शिकायत में इसे पीड़िता की निजता और गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 73, पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 23 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
Key Highlights
- जमुई मामले की नाबालिग पीड़िता की फोटो सार्वजनिक करने के आरोप में FIR।
- पटना के सचिवालय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी।
- मुख्यमंत्री सचिवालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद को आरोपी बनाया गया।
- फोटो मुख्यमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट होने की बात FIR में कही गयी है।
- पुलिस ने मामले की जांच की जिम्मेदारी अवर निरीक्षक सीमा कुमारी को सौंपी है।
Jamui Case:मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान ली गयी थी तस्वीर
जमुई मामले के बाद नाबालिग पीड़िता अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी। इसी मुलाकात के दौरान ली गयी तस्वीर बाद में मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट की गयी।
पुलिस के अनुसार तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद मामला सामने आया। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गयी कि तस्वीर किसने अपलोड की थी। उपलब्ध रिपोर्ट में मुख्यमंत्री सचिवालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद द्वारा तस्वीर अपलोड किये जाने की बात कही गयी है।
Jamui Case:फोटो शेयर करने वाले अन्य लोगों की भी होगी जांच
एफआईआर में सागर प्रसाद के अलावा ऐसे अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली तस्वीर साझा की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तस्वीर किन-किन लोगों तक पहुंची और इसे आगे किसने साझा किया।
जमुई मामले में इससे पहले भी नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। जमुई पुलिस ने ऐसे 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर केस दर्ज किये जाने की जानकारी दी थी।
Jamui Case:मामले की जांच अवर निरीक्षक सीमा कुमारी को
सचिवालय थाने में दर्ज प्राथमिकी की जांच का जिम्मा अवर निरीक्षक सीमा कुमारी को सौंपा गया है। पुलिस फोटो के स्रोत, उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और उसके बाद प्रसारित किये जाने की पूरी कड़ी की जांच करेगी।
जमुई की मूल घटना के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की है और जांच के लिए एसआईटी गठित की गयी थी।
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