Puja Singhal PMLA Case: IAS पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, संज्ञान आदेश रद्द करने से किया इनकार

Puja Singhal PMLA Case: झारखंड कैडर की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने निचली अदालत के उस संज्ञान आदेश को इस स्तर पर रद्द करने से इनकार किया, जिसे पूजा सिंघल ने चुनौती दी थी। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध था।

Puja Singhal PMLA Case: अभियोजन मंजूरी पर क्या है पूरा विवाद?

पूजा सिंघल की ओर से मुख्य दलील यह रही कि उनके खिलाफ PMLA की धाराओं के तहत अपराध का संज्ञान लेते समय सरकारी कर्मचारी के लिए आवश्यक अभियोजन मंजूरी का पालन नहीं किया गया। उनकी ओर से CrPC की धारा 197 के प्रावधान का हवाला दिया गया था। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि कथित निजी या गैरकानूनी कृत्यों के लिए सरकारी कर्मचारी को धारा 197 के तहत पूर्व अभियोजन मंजूरी का संरक्षण हर स्थिति में नहीं मिल सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि मंजूरी का सवाल ट्रायल के चरण में उठाया जा सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सवाल को तत्काल आधार पर संज्ञान आदेश खत्म करने का कारण नहीं माना। अदालत के सामने यह सवाल महत्वपूर्ण है कि कथित अपराध उस समय अधिकारी के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से किस हद तक जुड़ा था।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों खुला रखा मंजूरी का सवाल?

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन मंजूरी से जुड़ा मुद्दा कानून और तथ्यों से जुड़ा बताया गया। ऐसे में अदालत ने इस स्तर पर इसका अंतिम फैसला करने के बजाय इसे ट्रायल के उचित चरण के लिए खुला रखा। इसका सीधा अर्थ यह है कि पूजा सिंघल के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया फिलहाल आगे बढ़ेगी। वहीं, अभियोजन मंजूरी को लेकर बचाव पक्ष की आपत्ति भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

इस कानूनी सवाल पर आगे ट्रायल के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला हो सकता है। यानी सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को पूजा सिंघल को आरोपों से दोषमुक्त किए जाने के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसी तरह यह आदेश मामले में अंतिम दोषसिद्धि भी नहीं है। मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है।

2022 में हुई थी पूजा सिंघल की गिरफ्तारी

पूजा सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय ने 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। मामला झारखंड के खूंटी में मनरेगा योजनाओं से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और उससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा है। ईडी की कार्रवाई के दौरान उनसे जुड़े परिसरों और अन्य ठिकानों पर तलाशी ली गई थी। ईडी की जांच के दौरान करीब 19.76 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। एजेंसी ने इस रकम को कथित अपराध से अर्जित आय से जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई थी। हालांकि, इस मामले में आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण ट्रायल के जरिए होना है।

झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

पूजा सिंघल ने रांची की PMLA विशेष अदालत द्वारा 19 जुलाई 2022 को लिए गए संज्ञान को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि PMLA की धाराओं 3 और 4 के तहत संज्ञान लेने से पहले CrPC की धारा 197 के तहत आवश्यक मंजूरी ली जानी चाहिए थी। झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट में इसी चुनौती पर सुनवाई हुई।

आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद पूजा सिंघल के खिलाफ PMLA मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। अभियोजन मंजूरी का मुद्दा भी आगे उचित चरण पर उठाया जा सकता है और उस समय अदालत उपलब्ध साक्ष्यों तथा मामले की परिस्थितियों को देखते हुए फैसला करेगी। इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी आरोपी के खिलाफ ट्रायल जारी रहना अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है।

पूजा सिंघल के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही होगा। इस तरह सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से फिलहाल मामले की सुनवाई पर रोक नहीं लगी है, जबकि अभियोजन मंजूरी से जुड़ा कानूनी सवाल भविष्य की सुनवाई के लिए खुला हुआ है।

यह भी पढ़ें: BIIPP 2026 Bihar: बिहार में नई औद्योगिक निवेश नीति की तैयारी, उद्योग विभाग और IIM बोधगया के बीच हुआ MoU

JPSC Exam Cancellation: झारखंड हाईकोर्ट ने तीन भर्ती परीक्षाओं पर फैसला...

JPSC Exam Cancellation, रांची: झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, बाल...

Bihar Flood Relief: बिहार बाढ़ राहत की दूसरी किस्त जारी, अब...

Bihar Flood Relief, पटना: बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दूसरे चरण में 1,60,201 परिवारों के...

PMCH Patna Tower 3 Inauguration: पीएमसीएच में 2500 बेड पर इलाज...

PMCH Patna Tower 3 Inauguration: बिहार की राजधानी पटना स्थित पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (PMCH) में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा...