पटना : बीजेपी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं जाएंगे. क्योंकि उन्होंने
इससे पहले भी कह चुके हैं कि हम किसी भी हालत में भाजपा के साथ हाथ नहीं मिलायेंगे.
ये बातें जदयू कोटे के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने चुनावी रणनीतिकार
प्रशांत किशोर के बयान का जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर अपने बारे में जानकारी दें.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो तय कर दिया है कि अब किसी भी हालात में
हम लोग बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे. वह कुछ भी कहते रहते हैं,
उससे बिहार की जनता पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है.
कौन हैं प्रशांत किशोर?- मंत्री बिजेंद्र यादव
जदयू कोटे से मंत्री बिजेंद्र यादव ने प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयान पर सवाल करते हुए कहा कि
प्रशांत किशोर कौन हैं? कोई भी व्यक्ति अगर किसी राजनीतिक दल में काम कर लेता है तो क्या वो पॉलीटिकल हो जाता है? उन्होंने कहा कि इस तरह के लोगों के बयान पर इसी तरह की टिप्पणी नहीं की जा सकती.
भाजपा अति पिछड़ा विरोधी पार्टी- मदन सहनी
वही निकाय चुनाव को लेकर मंत्री मदन सहनी ने कहा कि भाजपा अति पिछड़ा विरोधी पार्टी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से अति पिछड़ा को आरक्षण देकर ही चुनाव कराने की बात करते थे.
बीजेपी को संवैधानिक जानकारी का अभाव- मंत्री बिजेंद्र यादव

मंत्री बिजेंद्र यादव ने अति पिछड़ा आयोग के गठन पर कहा कि बीजेपी को संवैधानिक जानकारी का अभाव है. नीतीश कुमार ने राज्य में पिछले नगर निकाय चुनाव मुंगेरीलाल कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर कराया था. जदयू और उनके नेता कभी भी अति पिछड़ा या पिछड़ा वर्ग के लोगों की हक मारी नहीं होने देंगे. गौरतलब है कि 19 अक्टूबर को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि नगर निकाय चुनाव के लिए अति पिछड़ा आयोग का गठन कर दिया गया है.
एक बार फिर से बीजेपी के साथ जाएंगे नीतीश कुमार- प्रशांत किशोर
बता दें कि जनसुराज यात्रा पर निकले पीके ने पश्चिम चंपारण के भेड़ीहरवा पंचायत में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से बीजेपी के साथ जाएंगे. इसके लिए वह बीजेपी के कई नेताओं के संपर्क में हैं. क्योंकि नीतीश कुमार राज्यसभा में बीजेपी की मदद कर रहे हैं. यह दावा चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने किया है. इस दौरान नीतीश कुमार पर जमकर हमला भी किया था.
बिहार की जनता को ठग रहे हैं सीएम नीतीश
पीके ने कहा कि जब आपने एनडीए छोड़ दिया है तो उस पद को क्यों नहीं छोड़ रहे हैं? उस पद को छोड़िए या उस सांसद को हटाइए. प्रशांत किशोर का इशारा जदयू सांसद व राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की ओर था. उन्होंने कहा, राज्यसभा में बिल पास कराने के लिए अपने दल के व्यक्ति को लगाए हुए हैं, और बिहार में गठबंधन बनाकर बिहार की जनता को फिर से ठगने का प्रयास कर रहे हैं.
नीतीश कुमार: उप सभापति हरिवंश के जरिए हो रही बातचीत
प्रशांत किशोर का कहना है कि नीतीश कुमार ने जदयू से राज्यसभा सदस्य और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के माध्यम से भाजपा के साथ संचार की एक लाइन खुली रखी है. उन्होंने कहा कि हरिवंश को इस कारण से अपने राज्यसभा पद से इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है, भले ही जदयू ने भाजपा से नाता तोड़ लिया हो. उन्होंने कहा, लोगों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि जब भी ऐसी परिस्थितियां आती हैं, तो वह भाजपा में वापस जा सकते हैं और इसके साथ काम कर सकते हैं.
रिपोर्ट: प्रणव राज
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