Jharkhand Doctors Protest: लंबित मांगों को लेकर डॉक्टरों में आक्रोश, 27 सितंबर से आंदोलन की तैयारी

झारखंड में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट, DACP और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन समेत मांगों को लेकर IMA और JHASA ने आंदोलन की तैयारी शुरू की।


Jharkhand Doctors Protest रांची: झारखंड में डॉक्टरों की कई लंबित मांगों को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन और DACP लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को रांची के करमटोली चौक स्थित IMA भवन में झारखंड इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेस एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई। करीब तीन घंटे चली बैठक में मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।

Jharkhand Doctors Protest:27 सितंबर से आंदोलन की तैयारी शुरू

बैठक में डॉक्टरों ने लंबित मांगों पर चर्चा की और सरकार से इन्हें जल्द पूरा करने की मांग की। संगठनों ने तय किया कि मांगों के समर्थन में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत 27 सितंबर से आंदोलन की तैयारी शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से कई मांगें लंबित हैं। इनमें चिकित्सकों की सुरक्षा, सेवा शर्तों में सुधार और निजी अस्पतालों से जुड़े नियमों में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल हैं।


Key Highlights

  • झारखंड के डॉक्टरों ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी की
  • 27 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी शुरू होगी
  • मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
  • बिहार और केंद्र की तर्ज पर DACP लागू करने की मांग
  • 50 बेड तक के निजी अस्पतालों को Clinical Establishment Act से मुक्त करने की मांग

Jharkhand Doctors Protest:डॉक्टरों ने रखीं कई प्रमुख मांगें

बैठक में डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। डॉक्टरों की मांग है कि बिहार और केंद्र सरकार की तर्ज पर झारखंड में भी DACP लागू किया जाए। इसके साथ ही चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग की गई।

डॉक्टरों ने अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि चिकित्सा संस्थानों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

Jharkhand Doctors Protest:निजी अस्पताल, स्टाइपेंड और मैटरनिटी लीव भी मुद्दे में

डॉक्टर संगठनों ने 50 बेड तक के निजी अस्पतालों को क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के दायरे से मुक्त करने की मांग की है। इसके अलावा जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

महिला डॉक्टरों को मैटरनिटी लीव का लाभ देने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अनुबंधित चिकित्सकों की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक नहीं रखने की मांग भी बैठक में रखी गई।

डॉक्टर संगठनों ने इन मांगों को लेकर सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई है। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की तैयारी है।

डॉक्टरों की प्रमुख मांगें

  1. बिहार और केंद्र सरकार की तर्ज पर DACP लागू किया जाए।
  2. चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो।
  3. अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
  4. 50 बेड तक के निजी अस्पतालों को क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त किया जाए।
  5. जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड का समय पर भुगतान हो।
  6. महिला डॉक्टरों को मैटरनिटी लीव का लाभ मिले।
  7. सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अनुबंधित चिकित्सकों की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक नहीं हो।

 

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