Advertisment

Jharkhand Education: वित्तरहित स्कूलों को बड़ी राहत, ग्रामीण क्षेत्रों में अब सिर्फ 1 एकड़ जमीन पर मिलेगी मान्यता

 झारखंड सरकार ने वित्तरहित हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब दो की जगह एक एकड़ जमीन पर ही मान्यता मिल सकेगी।


Jharkhand Education रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के वित्तरहित हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों के संचालन के लिए दो एकड़ की बजाय केवल एक एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड माध्यमिक विद्यालय स्थापना अनुमति एवं प्रस्वीकृति नियमावली 2026 में संशोधन किया है।

सरकार के इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में नए माध्यमिक और इंटर विद्यालयों की स्थापना का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।


Key Highlights

  • ग्रामीण क्षेत्रों में अब दो नहीं, केवल एक एकड़ जमीन पर हाईस्कूल और इंटर कॉलेज की मान्यता मिल सकेगी।

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

  • प्रस्ताव अब वित्त, विधि और कार्मिक विभाग की स्वीकृति के बाद कैबिनेट में जाएगा।

  • सुरक्षा कोष में जमा होने वाली राशि में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती की गई है।

  • शहरी क्षेत्रों में एक एकड़ जमीन की अनिवार्यता पहले की तरह लागू रहेगी।


Jharkhand Education:मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

शिक्षा विभाग द्वारा पहले तैयार ड्राफ्ट में ग्रामीण क्षेत्रों में दो एकड़ और शहरी क्षेत्रों में एक एकड़ जमीन अनिवार्य रखने का प्रावधान था। संशोधित प्रस्ताव में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जमीन की अनिवार्यता घटाकर एक एकड़ कर दी गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए एक एकड़ जमीन की शर्त यथावत रखी गई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस संशोधित प्रस्ताव को अपनी सहमति दे दी है। अब विभाग इस प्रस्ताव को वित्त, विधि और कार्मिक विभाग को भेजेगा। इन विभागों की सहमति मिलने के बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

Jharkhand Education:सुरक्षा कोष की राशि में भी 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती

शिक्षा विभाग ने मान्यता प्राप्त करने के लिए सुरक्षा कोष में जमा की जाने वाली राशि में भी बड़ी राहत दी है। पहले गैर जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों और कॉलेजों के लिए छह लाख रुपये तथा जनजातीय क्षेत्रों के लिए चार लाख रुपये सुरक्षा कोष में जमा करने का प्रावधान था।

संशोधित नियमावली में इस राशि में 50 प्रतिशत से अधिक की कटौती का प्रस्ताव किया गया है। इससे वित्तरहित विद्यालयों और इंटर कॉलेजों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा नए शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

Highlights

Sangeet Natak Akademi Awards 2024-25: झारखंड के तीन कलाकारों को मिला...

Sangeet Natak Akademi Awards 2024-25, नई दिल्ली: विज्ञान भवन में आयोजित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समारोह में झारखंड के तीन कलाकारों को सम्मानित किया...

Independence Day 2026 Ranchi: 15 अगस्त से पहले रांची में फाइनल...

Independence Day 2026 Ranchi: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में बुधवार को स्वतंत्रता दिवस 2026 के आधिकारिक समारोह के लिए फुल-ड्रेस रिहर्सल की गई।...

बिहार मत्स्य पालन विजन 2030: सीएम सम्राट चौधरी ने दी 8...

बिहार मत्स्य पालन विजन 2030 से बिहार बनेगा अग्रणी अंतर्देशीय मत्स्य राज्य, सीएम सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश पटना : बिहार को देश का अग्रणी अंतर्देशीय...