Jharkhand Lightning Strike Deaths: झारखंड के किन जिलों में सबसे ज्यादा गिरती है बिजली? मौसम विभाग ने किया अलर्ट

Jharkhand Lightning Strike Deaths: झारखंड में मॉनसून की शुरुआत के साथ ही बिजली गिरने की घटनाएं चिंता का बड़ा कारण बन गई हैं। 12 जून से अब तक राज्य भर में बिजली गिरने की घटनाओं में 30 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 35 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। रविवार (29 जून) को रांची ज़िले के सोनाहातू इलाके में एक वॉचटावर का निरीक्षण करते समय बिजली गिरने से वन रक्षक रोशन श्रीवास्तव की मौत हो गई। इस घटना में वन विभाग के दो अन्य कर्मचारी भी झुलस गए।

कई जिलों में बिजली गिरने से हुई मौतें

बिजली गिरने से लोहरदगा में तीन साल की बच्ची, बेड़ो (रांची) में एक किसान, सिल्ली में एक नाबालिग और रंका (गढ़वा ज़िला) में आम तोड़ने गए दो बच्चों की मौत हो गई। 24 से 26 जून के बीच कई ज़िलों में बिजली गिरने से काफ़ी नुकसान हुआ। चतरा, पलामू, जामताड़ा, कोडरमा, देवघर और लोहरदगा जैसे ज़िलों में 12 लोगों की मौत हुई और लगभग 18 लोग घायल हुए।

खेल के मैदानों और खुली जगहों पर असर

21 से 23 जून के बीच, पश्चिमी सिंहभूम के टोकलो में फ़ुटबॉल मैच के दौरान मैदान पर बिजली गिरने से दो खिलाड़ियों की मौत हो गई। इसके अलावा, कर्रा (खूंटी ज़िला) में क्रिकेट खेल रहे युवाओं के एक समूह पर बिजली गिरी; एक खिलाड़ी की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। इससे पहले, 17 से 19 जून के बीच हज़ारीबाग़, रामगढ़, पलामू, लोहरदगा, गोड्डा और पश्चिमी सिंहभूम में आठ लोगों की मौत हुई थी।

झारखंड में बार-बार बिजली गिरना

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड की भौगोलिक बनावट इसे बिजली गिरने के लिए संवेदनशील बनाती है। पठारी इलाका, घने जंगल, ऊंचे पेड़ और मॉनसून के दौरान गर्म और ठंडी हवाओं का टकराव जैसे कारक इन घटनाओं के बार-बार होने में योगदान करते हैं। क्लाइमेट रेज़िलिएंट ऑब्ज़र्विंग सिस्टम्स प्रमोशन काउंसिल (CROPC) और भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में पिछले पांच वर्षों में हर साल औसतन 4.36 लाख से ज़्यादा बार बिजली गिरी है।

मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया

जानकारों का कहना है कि किसानों, खेत में काम करने वाले मज़दूरों, पशुपालकों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को बिजली गिरने से सबसे ज़्यादा खतरा है। मौसम विभाग ने राज्य के ज़्यादातर ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे तूफ़ान के दौरान खुले खेतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहें। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है।

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