आइएमडी के अनुसार इस वर्ष मॉनसून समय से पहले झारखंड पहुंच सकता है। केरल में 26 मई तक मॉनसून आने का अनुमान, झारखंड में 5-6 जून तक एंट्री संभव।
Jharkhand Monsoon Update रांची: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष देश में मॉनसून के समय से पहले पहुंचने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस बार 26 मई तक केरल पहुंच सकता है। हालांकि इसमें चार दिन आगे या पीछे होने की संभावना बनी हुई है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो मॉनसून 5 से 6 जून तक झारखंड पहुंच सकता है।
पिछले वर्ष 2025 में मॉनसून झारखंड में 17 जून को पहुंचा था। ऐसे में इस बार राज्य में करीब 12 दिन पहले मॉनसून की एंट्री होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Jharkhand Monsoon Update: झारखंड में जल्द शुरू हो सकती है प्री-मॉनसून बारिश
मई महीने में झारखंड के कई जिलों में लगातार आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव प्री-मॉनसून गतिविधियों का संकेत है। आने वाले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून बारिश शुरू हो सकती है।
राज्य में हाल के दिनों में तेज हवा, वज्रपात और बारिश की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसमी परिस्थितियां मॉनसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
Key Highlights
इस बार 5-6 जून तक झारखंड पहुंच सकता है मॉनसून
केरल में 26 मई तक मॉनसून आने का अनुमान
पिछले साल 17 जून को झारखंड पहुंचा था मॉनसून
राज्य में जल्द शुरू हो सकती है प्री-मॉनसून बारिश
अल-नीनो के कारण वर्षा पर पड़ सकता है असर
Jharkhand Monsoon Update: पिछले वर्षों में कब पहुंचा मॉनसून
झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में मॉनसून के आगमन की स्थिति इस प्रकार रही है:
- 2025 — 17 जून
- 2024 — 18 से 20 जून
- 2023 — 18 से 20 जून
- 2022 — 15 से 20 जून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सामान्य रूप से झारखंड में मॉनसून जून के दूसरे सप्ताह से तीसरे सप्ताह के बीच पहुंचता है। लेकिन इस बार परिस्थितियां अपेक्षाकृत अनुकूल मानी जा रही हैं।
Jharkhand Monsoon Update: अल-नीनो का असर कम कर सकता है बारिश
आइएमडी ने यह भी संकेत दिया है कि इस वर्ष अल-नीनो परिस्थितियां धीरे-धीरे विकसित हो रही हैं। अल-नीनो का प्रभाव वर्षा की मात्रा को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में ENSO की तटस्थ स्थिति धीरे-धीरे अल-नीनो की ओर बढ़ रही है, जिससे कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका बन सकती है।
हालांकि विभाग का कहना है कि दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां फिलहाल अनुकूल बनी हुई हैं।
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