Jharkhand Student Protest: छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी सियासी गर्मी, CM आवास घेराव पर राधाकृष्ण किशोर का बड़ा बयान

Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच, मुख्यमंत्री आवास को घेरने की कोशिश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वित्त और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बीजेपी नेताओं और विधायकों द्वारा आवास को घेरने की कोशिश पर प्रतिक्रिया दी। इस कदम को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी के आवास को घेरना या उसमें घुसने की कोशिश करना राजनीतिक विरोध का सामान्य तरीका नहीं माना जा सकता।

मंत्री ने CM आवास को घेरने की कोशिश को ‘अलोकतांत्रिक’ बताया

राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री आवास को घेरने की बीजेपी की कोशिश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के कई वैध तरीके मौजूद हैं। मंत्री के अनुसार, किसी व्यक्ति के आवास को घेरना या जबरन घुसने की कोशिश करना सामान्य लोकतांत्रिक विरोध के दायरे में नहीं आता। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

विधानसभा में छात्रों के मुद्दे उठाने पर सवाल

वित्त मंत्री ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही तय थी और विपक्ष के नेता ने सदन में छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाने की बात कही थी। राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अगर छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दे विधानसभा में उठाए जाते, तो सरकार को अपना पक्ष रखने का मौका मिलता। इससे सदन के भीतर लोकतांत्रिक चर्चा हो पाती।

अलोकतांत्रिक गतिविधियों के लिए कानूनी कार्रवाई

मंत्री ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हुए कानून के खिलाफ गतिविधियां करता है, तो प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा को गंभीर मामला बताया

राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा को एक गंभीर मामला बताया और कहा कि वहां की सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मंत्री के अनुसार, किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। इसलिए, मुख्यमंत्री आवास तक जबरन पहुंचने या उसे घेरने की कोशिशों को सामान्य विरोध नहीं माना जा सकता।

BJP नेताओं को हिरासत में लेकर खेलगांव ले जाया गया

छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच, BJP के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी और पार्टी के विधायक व कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने BJP नेताओं और विधायकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें खेलगांव ले गई। इस कार्रवाई के बाद झारखंड में सत्ताधारी पार्टी और BJP के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां BJP छात्र आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर चिंता जता रही है।

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