झारखंड में 2034 हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में देरी पर 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की, JSSC पर आदेश उल्लंघन का आरोप।
Jharkhand Teacher Recruitment Case रांची: झारखंड में हाई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर वर्षों से लंबित प्रक्रिया एक बार फिर न्यायिक दायरे में आ गई है। वर्ष 2016 से चल रही स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के मामले में 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने नियुक्ति प्रक्रिया में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
Jharkhand Teacher Recruitment Case:कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप
प्रार्थी मनोज कुमार गुप्त व अन्य की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने यह अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि एकल पीठ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जेएसएससी ने नियुक्ति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया, जो कि अदालत की अवमानना के दायरे में आता है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन आयोग की निष्क्रियता के कारण प्रक्रिया ठप पड़ी है।
Key Highlights:
शिक्षक नियुक्ति मामले में हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर
200 से अधिक अभ्यर्थियों ने JSSC पर लगाया आदेश उल्लंघन का आरोप
2034 पदों पर भर्ती प्रक्रिया वर्षों से लंबित
कोर्ट ने 6 माह में प्रक्रिया पूरी करने का दिया था निर्देश
समयसीमा बीतने के बाद भी नियुक्ति शुरू नहीं
Jharkhand Teacher Recruitment Case:2034 पदों पर नियुक्ति का मामला लंबित
गौरतलब है कि राज्य में 2034 हाईस्कूल शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया कई वर्षों से लंबित है। इस मामले में कुल 258 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने 1 सितंबर 2025 को अहम आदेश दिया था।
अदालत ने जेएसएससी को निर्देश दिया था कि सभी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
Jharkhand Teacher Recruitment Case:तय समयसीमा भी हुई पार, कार्रवाई नहीं
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में अभ्यर्थियों को 8 सप्ताह के भीतर आवेदन जमा करने और जेएसएससी को 6 माह के भीतर पूरी नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त करने का निर्देश दिया था।
हालांकि, आदेश के छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आयोग द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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