झारखंड टीचर्स अपडेट: बी.एड प्राइमरी टीचर्स के लिए 6 महीने का ब्रिज कोर्स ज़रूरी, NIOS रजिस्ट्रेशन खुला

झारखंड में बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स अनिवार्य। 25 दिसंबर तक NIOS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी।


झारखंड टीचर्स अपडेट रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब ऐसे सभी शिक्षकों को छह महीने का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह निर्णय उन शिक्षकों पर लागू होगा जिनकी नियुक्ति 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच हुई है।

झारखंड टीचर्स अपडेट:

राष्ट्रीय अध्यापक प्रशिक्षण परिषद (NCTE) की मंजूरी के बाद इस कोर्स का संचालन राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) करेगा। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि ब्रिज कोर्स का प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना बीएड योग्यताधारी शिक्षकों की योग्यता मान्य नहीं मानी जाएगी।


Key Highlights

• झारखंड में B.Ed योग्यताधारी प्राइमरी शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य

• 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच नियुक्त शिक्षकों पर लागू

• Bridge Course के बिना शिक्षक योग्यता मान्य नहीं मानी जाएगी

• 25 दिसंबर तक bridge.nios.ac.in पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

• 24 हजार एडमिशन शुल्क और 1000 रुपए रजिस्ट्रेशन शुल्क तय


झारखंड टीचर्स अपडेट:कैसे कराना होगा नामांकन

NIOS ने इसके लिए विशेष पोर्टल शुरू किया है। इच्छुक शिक्षक bridge.nios.ac.in पर 25 दिसंबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन शुल्क 1000 रुपए और एडमिशन शुल्क 24 हजार रुपए तय किया गया है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि अगले शिक्षण सत्र से पहले सभी शिक्षक यह कोर्स पूरा कर लें।

झारखंड टीचर्स अपडेट: क्यों जरूरी है यह कोर्स

NCTE के नियमों के अनुसार बीएड योग्यताधारी शिक्षक प्राथमिक शिक्षा के लिए पूर्णतः योग्य नहीं माने जाते। प्राथमिक स्तर पर बाल-मनोविज्ञान, शिक्षण पद्धति और प्राथमिक क्लासरूम मैनेजमेंट के लिए D.El.Ed या समान ब्रिज कोर्स अनिवार्य माना गया है।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार यह कोर्स नियुक्ति सत्यापन, सेवा पुष्टिकरण और प्रोफेशनल प्रमोशन के लिए अनिवार्य दस्तावेज होगा।

झारखंड टीचर्स अपडेट: बड़ी संख्या में शिक्षक होंगे प्रभावित

पिछली भर्ती प्रक्रिया में बड़ी संख्या में बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इनमें से कई के पास D.El.Ed की योग्यता नहीं है। अब ऐसे सभी शिक्षकों के लिए यह ब्रिज कोर्स करना जरूरी हो गया है।

Saffrn

Trending News

Social Media

167,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
685,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img