Advertisment

झारखंड: आदिवासी अब बोका नहीं रहा, धो-पोंछकर फेंक देंगे बाहर- सीएम

विधानसभा में आरक्षण संबंधी बिल पास

रांची : आदिवासी अब बोका नहीं रहा- झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने

सदन में विपक्ष को बेवकूफ कहा. उन्होंने कहा कि हम आपके जैसे बेवकूफ नहीं हैं.

आदिवासी अब बोका नहीं रहा. उन्होंने कहा कि यही बोका आपको धो-पोंछकर बाहर फेंक देगा.

आपलोगों की तरह हम बेवकूफी नहीं करेंगे. हम अपने पैर पर कुल्हाड़ी नहीं मारेंगे.

बल्कि आपका पर काटने का काम किया.

राज्य में बड़े पैमाने पर होंगी नियुक्तियां

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है. इस विषय पर सरकार काम कर रही है.

इन लोगों ने पहले एक मांग रखी थी. उसमें स्पष्ट था कि पिछली सरकार ने

जो 1985 का कटऑफ डेट रखा था. उसी को फिर से लाने का प्रयास किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होंगी.

डॉ लंबोदर महतो ने दिया ये संशोधन

डॉ लंबोदर महतो ने कहा कि जिले का अंतिम सर्वे या खतियानधारी को भी बिल में जोड़ा जाये.

पश्चिमी सिंहभूम में 1913 से 1919 तक सर्वे हुआ. कई जिलों में 1927 से 1935 का सर्वे उपलब्ध है. पूर्वी सिंहभूम 1934 से 1938 तक के ही दस्तावेज उपलब्ध हैं. डॉ लंबोदर महतो ने कहा है कि वह 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति का समर्थन करते हैं, लेकिन इसमें कुछ संशोधन की जरूरत है.

निर्दलीय विधायक ने उठाया ये सवाल

विधेयक को प्रवर समिति को भेजने को लेकर तीन प्रस्ताव आये. निर्दलीय विधायक अमित यादव, माले विधायक विनोद सिंह, बीजेपी विधायंक रामचंद्र चंद्रवंशी ने प्रस्ताव दिया है. निर्दलीय विधायक ने सवाल उठाया कि इस बिल में यह प्रावधान हे कि ग्रामसभा के द्वारा जिनके पास 1932 का खतियान नहीं है. उसको प्रूव कर देगा लेकिन जिस तरह से जामताड़ा और साहेबगंज में बांग्लादेशी घुसपैठिये आ चुके हैं. आज राशन कार्ड और सारी सुविधाएं हैं. इसके आधार पर वो स्थानीय बन जायेगा. ऐसे में झारखंडियों के हम को मारेगा. ये आने वाले दिनों में चिंता का विषय है.

सरकार को सिर्फ संकल्प लाना चाहिए- रामचंद्र चंद्रवंशी

माले विधायक ने स्थानीयता को लेकर कहा कि इसमें नियोजन को भी जोड़ा जाना चाहिए. रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि इसे प्रवर समिति को इसलिए भेजा जाना चाहिए क्योंकि जल्दबाजी में इस सरकार ने राजनीतिक वजह से लाया है. हम इसका विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली भेज कर राज्य की जनता को गुमराह करना चाहते हैं. इस सरकार को काम करना चाहिए सिर्फ संकल्प लाना चाहिए.

आप लोगों की तरह ठगने वाले काम नहीं करते

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य बहुत विस्तृत रखा है. सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि निजी नौकरी तक भी रखा है. ये सरकार बिल्कुल शीशे की तरह ट्रांसपेरेंट काम करती है. आप लोगों की तरह ठगने वाले काम नहीं करते. हमने इतने नियुक्तियां दिया, लेकिन कोई विवाद नहीं हुआ. 10वीं तक के नियुक्ति को भी कोर्ट में ले जाकर रख दिया है

आदिवासी अब बोका नहीं रहा: लंबोदर महतो उलझाना चाहते हैं- सीएम

आजसू विधायक लंबोदर महतों ने संशोधन लाया कि स्थानीयता को जिलों के अंतिम सर्वे सेटलमेंट को माना जाए. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि एक ही चीज गोल गोल घूमकर आ रहा है और जवाब भी एक ही आ रहा है. लंबोदर महतो काफी विद्वान हैं और इसी आधार पर सवाल भी रखते हैं और उलझाना चाहते हैं.

आजसू भी 1985 में सहयोगी रहा है, हमें भी चिंता है नियुक्तियां भी होगी और इसी को ध्यान में रखकर हमलोग आगे बढ़ रहे हैं.

Ranchi Pink Bus: रांची में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! 6...

Ranchi Pink Bus, रांची: नगर निगम ने राजधानी रांची में महिलाओं के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए हैं।...

N Chandrasekaran Resigns: Tata Sons का अगला चेयरमैन कौन? N Chandrasekaran...

N Chandrasekaran Resigns: Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने अपने पद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने Tata Sons बोर्ड...

LNMI में पढ़ने वाले 100 छात्रों को हर सत्र विदेश भेजेगी...

 बिहार के LNMI में हर सत्र 100 विद्यार्थियों को एक महीने के लिए विदेश भेजने की योजना है। AI, क्वांटम कंप्यूटर और अर्बन पॉलिसी...